उत्प्रेरक (Catalyst) वे रासायनिक पदार्थ हैं, जो स्वयं बिना परिवर्तित हुए केवल अपनी उपस्थिति से रासायनिक क्रियाओं को प्रभावित करते हैं. जिन रासायनिक क्रियाओं में उत्प्रेरक प्रयोग होते हैं. उन्हें उत्प्रेरण प्रक्रम कहते हैं.उत्प्रेरक कई प्रकार के होते हैं, पर मुख्यतः उन्हें दो वर्गों में बांटा जाता है: धनात्मक उत्प्रेरक तथा ऋणात्मक उत्प्रेरक, घनात्मक उत्प्रेरक वे पदार्थ हैं, जो रासायनिक क्रिया की गति तेज करते हैं तथा ऋणात्मक उत्प्रेरक वे पदार्थ हैं, जो क्रिया को गति को मंद करते हैं. उदाहरण के लिए जब पोटाशियम क्लोरेट को 400 सैल्सियस तक गर्म करते हैं, तो ऑक्सीजन निकलनी शुरू हो जाती है,…
Author: Shailja Dubey
उड़ते हुए वायुयान का वेग मापने के यंत्र को ऊंचाई मापक (Altimeter) कहते हैं. मुख्य रूप से ऊंचाई मापक पांच प्रकार के होते हैं. पहले प्रकार का ऊंचाई मापक एक प्रकार का वायुदाब मापी है. यह बढ़ती हुई ऊंचाई के साथ घटने वाले दाब को मापता है. दूसरे प्रकार के यंत्र को रेडियो ऊंचाई मापक कहते हैं. इस यंत्र से एक रेडियो स्पंद को वायुयान से धरती तक आने और वापस जाने में लगे समय को मापा जाता है, इस अवधि को रेडियो स्पंद के वेग से गुणा करने पर हवाई जहाज की दुगुनी ऊंचाई प्राप्त हो जाती है. तीसरे…
20 जुलाई 1969 को मानव इतिहास में एक ऐतिहासिक पल आया जब नील आर्मस्ट्रांग और बज़ एल्ड्रिन अपोलो मिशन में (Apollo mission) चांद पर कदम रखने वाले पहले इंसान बन गए। चांद पर अमेरिकी ध्वज फहराते हुए उनकी तस्वीरें आज भी प्रेरणादायी हैं। लेकिन एक सवाल जो अक्सर लोगों के मन में उठता है, वह यह है कि चांद पर हवा न होने के बावजूद झंडा कैसे लहरा रहा था? वास्तव में, चांद पर अमेरिकी झंडा हवा में लहरा रहा था ऐसा नहीं था। यह एक ऑप्टिकल इल्यूजन था। नासा के इंजीनियरों ने इस समस्या को पहले ही दूर कर…
धनवान व्यक्तियों के मृत शरीरों को उन पर रसायनों का लेप करके और बाद में उन्हें लिनेन के कपड़े में लपेट कर सुरक्षित रखा जाता था ममी (Mummy) उस मृतक शरीर को कहते हैं, जिसे दफनाने से पहले सुरक्षित रखने के लिए विशेष रसायनों के साथ क्रिया कराई जाती है. ममी शब्द की उत्पत्ति अरबी भाषा के ममियाह (Mummiyah) शब्द से हुई है, जिसका अर्थ है मोम या टार (Tar) द्वारा शरीर को सुरक्षित रखना. प्राचीन मिस्र (Egypt) में ममियों को सुरक्षित रखना एक अत्यंत लोकप्रिय तरीका था. चलिए जानते हैं कि मिस्र के लोग मृतक शरीरों को सुरक्षित क्यों…
जलयान का वेग नॉट (Knot) इकाई में मापा जाता है. नॉट एक नाटीकल मील (Nautical Mile) प्रति घंटे का संक्षिप्त रूप है. एक नॉटीकल मील 6076.12 फुट या 1852 मीटर के बराबर होता है. यह दूरी प्रचलित मोल (5280 फुट) से अधिक है. जलयानों के वेग मापने की इस इकाई का आरंभ कैसे हुआ? प्राचीन काल में नाविकों के पास पानी के जहाजों का वेग मापने का कोई साधन था. इस काम के लिए वे लकड़ी का एक लट्ट्ठा प्रयोग में लाते थे. लकड़ी के इस लट्टे के एक सिरे पर भारी वजन बांध दिया जाता था और दूसरे सिरे…
हम सभी जानते हैं हैं कि गर्मी के दिनों में मिट्टी में रखा पानी कुछ ही घंटों में ठंडा हो जाता है. क्या आप जानते हो कि ऐसा क्यों होता है? घड़े में पानी के ठंडे होने की क्रिया भौतिकी के एक जाने-माने सिद्धांत के आधार पर समझी जा सकती है. इस सिद्धांत के अनुसार वाष्पीकरण की क्रिया से ठंडक पैदा होती है. जब किसी तरल पदार्थ का वाष्पीकरण होता है, तो इसका तापमान गिर जाता है, क्योंकि वाष्पीकरण के लिए आवश्यक ऊष्मा स्वयं तरल पदार्थ से ही प्राप्त होती है. इस ऊष्मा क्षति के कारण ही तरल पदार्थ का…
उल्लू का बोलना या बिल्ली के द्वारा रास्ता काट जाना, अंधविश्वास के कारण मौत का पूर्व संकेत और अशुभ समझा जाता है मानव सभ्यता के आरंभ से ही अंधविश्वासों ने समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. आज भी ऐसे अनेक लोग हैं, जो विभिन्न घटनाओं के विषय में अंधविश्वासी हैं. वे किसी न किसी कारण से उन अंधविश्वासों से चिपके हुए हैं. वे इन्हें छोड़ना ही नहीं चाहते. क्या आप जानते हो कि इन अनेक अंधविश्वासों का आरंभ कैसे हुआ? प्राचीन काल में मानव का ज्ञान बहुत ही सीमित था और प्रकृति में होने वाली अनेक घटनाओं जैसे बादलों…
विद्युत फ्यूज ऐसी धातु के तार का छोटा सा टुकड़ा होता है जो आवश्यकता से अधिक विद्युत धारा होने पर आसानी से पिघल जाता है इलैक्ट्रिक फ्यूज (Electric Fuse) एक ऐसा सुरक्षा साधन है। जो विद्युत-धारा पर विद्युत परिपथ (Circuit) को काट देता है. किसी विद्युत परिपथ में अधिक विद्युत धारा बहने के दो मुख्य कारण हैं. जब विद्युत परिपथ कहीं पर शार्ट (Short) हो जाता है, तो बहुत अधिक विद्युत धारा बहने लगती है. दूसरा जब एक ही लाइन पर बहुत विद्युत-यंत्र चलाए जाते हैं, तो परिपथ में धारा की मात्रा अधिक हो जाती है. अधिक विद्युत धारा के…
औद्योगिक क्रांति के कारण विज्ञान और तकनालॉजी में ही नहीं वरन् अन्य क्षेत्रों में भी बड़े-बड़े परिवर्तन हुए. इन परिवर्तनों के कारण बहुत सी सामाजिक बुराइयों और समस्याओं का भी जन्म हुआ यद्यपि लाखों वर्षों से धरती पर मानव का अस्तित्व रहा है, किन्तु उसके जीवन में अत्यंत महत्त्वपूर्ण परिवर्तन पिछले दो सौ वर्षों से ही हुए हैं. ये परिवर्तन मुख्य रूप से मशीनों के आविष्कार और विकास के परिणामस्वरूप हुए है, मानव इतिहास के इन दो सौ वर्षों के काल को औद्योगिक क्रांति का युग कहा जाता है. इंग्लैंड के औद्योगिक क्रांति की शुरुआत सन् 1750 के आसपास हुई…
प्राचीनकाल में मनुष्य नदियों का उपयोग सामान और सवारियों को एक स्थान से दूसरे स्थानों को ले जाने लिए करता रहा है. लेकिन नदियों द्वारा केवल उन जगहों तक जाया जा सकता है जहां से वे बहती हुई जाती हैं. मनुष्य नदियों से वहां नहीं जा सकता जहां से वे बहती नहीं हैं, इसलिए मनुष्य ने एक नदी को दूसरी नदी, झील या समुद्र से जोड़ने के लिए नहरें बनाई. नहरें बनाने के अन्य महत्वपूर्ण कारण भी हैं जैसे सिंचाई की व्यवस्था करना, मछलियां पकड़ना, किसी स्थान पर एकत्रित हुए पानी को बाहर निकालना, उन पर नौका विहार का आनन्द…
