अन्य मशीनों की तरह शरीर को भी काम करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है. यह ऊर्जा उपापचय (Metabolism) के माध्यम से भोज्य पदार्थों द्वारा प्राप्त होती है. उदाहरण के लिए, यदि हम एक टुकड़ा रोटी का, या आलू का अथवा किसी अन्य भोजन का खाते हैं, तो इसके अंदर विद्यमान स्टार्च शर्करा (Sugar) में बदलकर रक्त मिल जाता है. सांस द्वारा ली गई वायु में मिश्रित रक्त में पहुंचकर इसके साथ जलती है जिससे ऊर्जा पैदा होती है, इससे हमारे शरीर को शक्ति प्राप्त होती है. इसी तरह की अन्य रासायनिक क्रियाएं हमारे शरीर में ये रूपांतरण करती…
Author: Shailja Dubey
शरीर विज्ञान चिकित्सा द्वारा ऐसे अनेक रोगों को दूर करने में सफलता मिली है जो दवाओं या ऑपोशन से ठीक नहीं हो सके थे शरीर विज्ञान चिकित्सा (physiology) आयुर्विज्ञान की वह शाखा है, जो किसी बीमारी या चोट को ठीक करने के लिए किसी प्राकृतिक उपकरण या व्यायाम का उपयोग करती है. इसे फिजिकल थैरेपी या फिजियोथेरेपी (Physiotherapy) भी कहते हैं. एक तरह से इस पद्धति में शरीर की कमी को पूरा किया जाता है. इस चिकित्सा पद्धति को फिजियाट्रिक्स (Physiatrics) कहते हैं. इस पद्धति के अनुसार इलाज करने वाले डॉक्टर को फिजिकल धेरैपिस्ट (Phyisical Therapist) या फिजियोथेरेपिस्ट (Physiotherapist) कहते…
शरीर के अंगों का वह समूह जो रक्त-संचार को व्यवस्थित करता है, रक्त संचार संस्थान कहलाता है. शरीर के प्रत्येक हिस्से तक भोजन और आक्सीजन पहुंचाने और फालतू पदार्थों को हटाने के लिए रक्त का पहुंचना बहुत आवश्यक है. मनुष्य में रक्त-संचार- व्यवस्था के संचालन के लिए मांसपेशी से बना एक पंप होता है, जिसे हृदय कहते हैं. यह कुछ नलिकाओं द्वारा समस्त शरीर में रक्त पहुंचाता है. ये नलिकाएं शरीर के प्रत्येक कोष्ठक तक रक्त को पहुंचा देती हैं.रक्त-संचार प्रणाली में पांच प्रकार की नलिकाएं होती हैं. धमनी (Artery), धमनिका (Areterioles), केशिका (Capillary), शिरा (Venule) और महाशिरा (Vena cava).…
केवल 3% लोग ही दोनों आंखों का इस्तेमाल करते हैं, अधिकतर लोगों की दायीं आंख बायीं आंख की अपेक्षा अधिक समर्थ होती है हम लोग ‘दायां हत्था’ (Right-Handed) और ‘बायां-हत्या’ (Left-Handed) के अर्थ से तो भलीभांति परिचित हैं, लेकिन हम में से बहुत कम लोग दक्षिण-दृष्टि (Right-Sight) और वाम-दृष्टि (Left-Sight) का अर्थ जानते हैं. अर्थात् हम कभी अपने दोनों नेत्रों का उपयोग समान रूप से नहीं करते. एक आंख दूसरी से ज्यादा सक्रिय या समर्थ होती है. विभिन्न अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ कि मनुष्य देखने में 65 प्रतिशत इस्तेमाल अपनी दायीं आंख का करता है, 32 प्रतिशत बार्थी आंख…
कठफोड़वा (Woodpeckers) पिसिडी (Picidae) परिवार की एक चिड़िया है. ये पेड़ों के तनों की छाल में अपनी लंबी पैनी चोंच से सूराख करते रहते हैं. इसलिए इन पक्षियों को कठफोड़वा अर्थात लकड़ी को फोड़ने या उसमें छेद करने वाला कहते हैं. इसकी चोंच छैनी जैसी पैनी और मजबूत होती है जो कैसे भी मजबूत या पुराने पेड़ के तने में छेद कर सकती है. इसके सिर और गरदन की बनावट ऐसी होती है जिससे यह अपनी चोंच पेड़ के तने की छाल में पूरी ताकत से मार सकता है और उससे पैदा होने वाले धक्के को सहन कर सकता है.…
आमतौर पर लोग नॉर्वे (Norway) को लैंड ऑफ द मिडनाइट सन (Land of the Midnight Sun) के नाम से पुकारते हैं. इसका कारण यह है कि इस देश में मई के मध्य से जुलाई के अंत तक सूरज पूरी तरह नहीं छिपता है. इस अवधि में रात में भी पूरी तरह अंधकार नहीं होता, बल्कि काफी उजाला रहता है. नॉर्वे के उत्तरी हिस्सों में गर्मी के दो महीने तो सूर्य छिपता ही नहीं है, केवल हल्का सा अंधेरा छा जाता है, जैसा कि हमारे यहां शाम को सूर्य छिपने से पहले होता है. जाड़े के दो महीने यहां सूर्य के…
कैसोवरी (Cassowary) संसार की सबसे खतरनाक चिड़िया है. इसके पैरों पैरों के अंगूठों में अंदर की ओर हुरे जैसा एक पंजा होता है, जिससे यह आदमी के पेट को आसानी से चीर सकती है. इस चाकू जैसे पंजे से यह आदमी की कर सकती है. क्या तुम जानते हो कि यह चिड़िया कहां पायी जाती है? यह चिड़िया न्यू गाइना (New Guinea) और उत्तरी के जंगलों में पायी जाती है. यह चिड़िया बहुत ही कम दिखाई देती है, लेकिन इसकी आवाज अक्सर सुनाई देती रहती है. यह उड़ नहीं सकती, क्योंकि इसका आकार बहुत बड़ा होता है, लेकिन यह दौड़ती…
नाइट्रोजन (Nitrogen) सभी जीवित प्राणियों के लिए एक अत्यंत आवश्यक तत्व है. हमारे वायुमंडल में लगभग 78% नाइट्रोजन गैस है. इस नाइट्रोजन की कुछ मात्रा जीवित प्राणियों द्वारा निरंतर इस्तेमाल होती है और लगभग उतनी ही मात्रा वायुमंडल में वापस आती है. इस प्रकार पृथ्वी, जल, वायु और जीवित प्राणियों के बीच नाइट्रोजन के निरंतर आदान-प्रदान को नाइट्रोजन चक्र (nitrogen cycle) के नाम से जाना जाता है. वायुमंडल में नाइट्रोजन की मात्रा स्थिर रहना नाइट्रोजन-चक्र को भली-भांति समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि वायुमंडल से किस प्रकार नाइट्रोजन प्राप्त की जाती है और प्रयोग में लाई हुई यह नाइट्रोजन…
हम कैमरे में टेलीस्कोप लगाकर अधिक तारों की फोटो ले सकते हैं रात्रि के अंधकार में हम असंख्य तारे आकाश रोज ही देखते हैं. इनमें से कुछ तारे छोटे होते हैं, तो कुछ बड़े, कुछ बहुत ही चमकीले होते हैं, तो कुछ मंद रोशनी पैदा करते हैं. तारों को देखकर हमें बड़ा आश्चर्य होता है. हमें ऐसा लगता है कि इन तारों को गिना नहीं जा सकता. इसमें संदेह नहीं कि ये तारे असंख्य हैं और गिनना असंभव है, लेकिन आश्चर्य की बात तो यह है कि बिना दूरदर्शी की सहायता के हम इन असंख्य तारों में से केवल 6000…
ब्लैक होल्स के बारे में वैज्ञानिकों का कथन है कि वह तारों के जीवन की अंतिम स्थिति होती है. हमारी आकाश गंगा में लाखों ब्लैक होल्स हैं बीसवाँ सवीं शताब्दी के खगोलशास्त्रियों ने अंतरिक्ष में कुछ काले क्षेत्रों की संभावना व्यक्त की है, जो विशाल तारों के समाप्त जो जाने पर बनते हैं. अंतरिक्ष के इन काले क्षेत्रों को ही ब्लैक होल (Black Hole) के नाम से जाना जाता है. ब्लैक होल के अंदर गुरुत्वाकर्षण बल इतना अधिक होता है कि कोई भी वस्तु जो इसमें अंदर चली जाए बाहर नहीं आ सकती. यहां तक कि प्रकाश भी ब्लैक होल…
