मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर चुनावी माहौल तेज हो गया है। नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने शक्ति प्रदर्शन के बीच अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नामांकन के बाद दतिया के ऐतिहासिक किला चौक पर आयोजित जनसभा में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब डॉ. नरोत्तम मिश्रा भाषण देते हुए अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके।
किला चौक की सभा में भावुक हुए डॉ. नरोत्तम मिश्रा
जनसभा को संबोधित करते हुए डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं और दतिया की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह क्षेत्र के हर नागरिक के घर जाकर उनका आशीर्वाद लेंगे। इसी दौरान उनका गला भर आया और कुछ क्षण के लिए वे बोल नहीं पाए। मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल आगे बढ़े और उन्हें संभाला। सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। इस भावुक पल का वीडियो भी सामने आया है, जिसे समाचार एजेंसी ANI ने सोशल मीडिया पर साझा किया है।
कांग्रेस के आरोपों पर दिया जवाब
अपने संबोधन में डॉ. मिश्रा ने कांग्रेस के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें भाजपा के भीतर मतभेद और गुटबाजी की बात कही जा रही थी। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट होकर चुनाव लड़ रही है और कार्यकर्ताओं की ताकत ही भाजपा की सबसे बड़ी पूंजी है।
उन्होंने विश्वास जताया कि दतिया उपचुनाव में भाजपा ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी और पार्टी का हर कार्यकर्ता बूथ स्तर तक सक्रिय होकर चुनाव अभियान को मजबूत करेगा।
‘राजा और राष्ट्रसेवक’ की तुलना
सभा के दौरान डॉ. मिश्रा ने भाजपा और कांग्रेस की कार्यशैली की तुलना करते हुए कहा कि दोनों दलों की राजनीति का चरित्र अलग है। उनके अनुसार भाजपा का कार्यकर्ता राष्ट्रसेवा के उद्देश्य से संगठन में काम करता है, जबकि विपक्ष की राजनीति अलग सोच पर आधारित है। इस बयान के जरिए उन्होंने चुनावी मुकाबले को वैचारिक आधार देने की कोशिश की।
प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी सभा को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर सक्रिय रहने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि दतिया की जनता भाजपा के पक्ष में मतदान का मन बना चुकी है और पार्टी पूरे संगठन के साथ चुनाव मैदान में उतरी है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का दावा
सभा के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भाजपा दतिया उपचुनाव पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ लड़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश संगठन और स्थानीय नेतृत्व के समन्वय से पार्टी का हर कार्यकर्ता चुनाव अभियान में जुटा है और भाजपा को जीत का भरोसा है।
क्या है दतिया उपचुनाव का महत्व?
दतिया विधानसभा सीट का उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे प्रदेश में मोहन यादव की सरकार परीक्षा माना जा रहा है। यही वजह है कि भाजपा ने नामांकन के दिन ही शीर्ष नेतृत्व को मैदान में उतारकर संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की। आने वाले दिनों में दोनों प्रमुख दलों के प्रचार अभियान और तेज होने की संभावना है।
