दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा का टिकट नहीं मिलने के बाद समर्थकों के उग्र विरोध के बीच पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार को पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। भोपाल पहुंचने पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पार्टी का फैसला उन्हें पूरी तरह स्वीकार है और कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया हिंसक विरोध उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा ने जिस उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है, उसे पूरी ताकत से जिताया जाएगा।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वह किसी से नाराज नहीं हैं। उनके अनुसार भाजपा का हर निर्णय संगठन की प्रक्रिया का हिस्सा होता है और उसे स्वीकार करना प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं में जो नाराजगी दिखाई दे रही है, वह क्षणिक आवेश है और धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो जाएगी।
पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता से बातचीत के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनका मोबाइल बंद था, इसलिए अब तक किसी बड़े नेता से चर्चा नहीं हो सकी है। हालांकि उन्होंने दोहराया कि संगठन आगे जो भी जिम्मेदारी देगा, उसका पूरी निष्ठा से पालन करेंगे।
भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में उतरे
पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि दतिया उपचुनाव में भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है और पार्टी का हर कार्यकर्ता उन्हें विजयी बनाने के लिए काम करेगा। उन्होंने समर्थकों से भी संगठन के फैसले का सम्मान करने और संयम बनाए रखने की अपील की।
विरोध प्रदर्शन के बाद आया बयान
भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद शुक्रवार को दतिया में नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर जाम लगा और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं भी सामने आईं। इस दौरान कुछ पुलिस अधिकारी भी घायल हुए थे।
देर शाम मुख्यमंत्री आवास पहुंचे
मीडिया से चर्चा के बाद शनिवार देर शाम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, नरोत्तम मिश्रा को साथ लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। माना जा रहा है कि बैठक में दतिया उपचुनाव की रणनीति और संगठनात्मक एकजुटता को लेकर चर्चा हुई।
