Datia By-Election: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर प्रस्तावित उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बदलने के बाद शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और कानून-व्यवस्था का बड़ा मुद्दा बन गया है। पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने और भाजपा द्वारा युवा नेता आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद समर्थकों का विरोध लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। इस बीच करीब 18 घंटे बाद नरोत्तम मिश्रा की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आई, जिसमें उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील की।
नरोत्तम मिश्रा ने क्या कहा?
मीडिया से बातचीत में नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उम्मीदवार तय करना पार्टी का निर्णय है और सभी कार्यकर्ताओं को संगठन की मर्यादा का पालन करना चाहिए।
उन्होंने कहा,
“ये पार्टी का निर्णय है। मैं आपके माध्यम से कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि मुझे पेट्रोल डालते हुए कार्यकर्ताओं के विजुअल्स दिखाए गए हैं। ऐसा कोई कार्य न करें। पार्टी के फोरम पर अपनी बात रखी जाती है, इस तरीके से नहीं।”
दूसरे दिन भी जारी रहा समर्थकों का प्रदर्शन
शनिवार सुबह विरोध प्रदर्शन और उग्र हो गया। नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने तड़के करीब चार बजे नेशनल हाईवे-44 पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। पुलिस के अनुसार कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और एक पुलिस वाहन को भी पलट दिया गया।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बनने पर कई जगह पथराव भी हुआ। हालात पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। बाद में प्रशासन ने हाईवे से जाम हटवाकर यातायात बहाल कराया।
पुलिस का दावा- तीन हजार से अधिक लोगों ने किया उपद्रव
दतिया के पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने बताया कि शुक्रवार शाम से ही बड़ी संख्या में लोगों ने शहर का माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। उनके अनुसार तीन हजार से अधिक लोगों की भीड़ ने पहले बाजार बंद कराने की कोशिश की और बाद में शाम से हाईवे पर धरना देकर यातायात बाधित किया।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कई दौर की बातचीत कर रास्ता खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल
पुलिस के मुताबिक शनिवार सुबह प्रदर्शन के दौरान अचानक सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
अधिकारियों के अनुसार इस हिंसक घटना में छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को भी चोटें आईं। सभी घायलों का उपचार कराया गया है।
प्रशासन की नजर हालात पर
प्रशासन का कहना है कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं से जुड़े वीडियो तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
