Monday, 13 July
विषयजानकारी
वर्तमान नामदादरा और नगर हवेली और दमन एवं दीव
राजधानीदमन
सबसे बड़ा शहरसिलवासा
गठन26 जनवरी 2020
आधिकारिक भाषाएंहिंदी, गुजराती, अंग्रेज़ी
प्रमुख नदीदमनगंगा
प्रसिद्धजनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक पर्यटन

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

दादरा और नगर हवेली का इतिहास कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं से जुड़ा रहा है। 18वीं शताब्दी में मराठों और पुर्तगालियों के बीच लंबे संघर्ष के बाद 17 दिसंबर 1779 को मराठा शासन ने दोनों पक्षों के बीच मैत्री संबंध बनाए रखने के उद्देश्य से इस क्षेत्र के कुछ गांव पुर्तगालियों को लगभग 12,000 रुपये वार्षिक राजस्व क्षतिपूर्ति के रूप में सौंप दिए। इसके बाद यह इलाका लंबे समय तक पुर्तगाली शासन के अधीन रहा।

करीब 175 वर्षों के औपनिवेशिक शासन के बाद 2 अगस्त 1954 को दादरा और नगर हवेली पुर्तगाली नियंत्रण से मुक्त हुआ। मुक्ति के बाद 1954 से 1961 तक इस क्षेत्र का संचालन ‘स्वतंत्र दादरा एवं नगर हवेली प्रशासन‘ (Free Dadra and Nagar Haveli Administration) द्वारा किया गया, जिसने इसे वास्तविक रूप से स्वशासित क्षेत्र के रूप में संचालित किया।

इसके बाद 11 अगस्त 1961 को दादरा और नगर हवेली आधिकारिक रूप से भारतीय संघ में शामिल हो गया। भारतीय संसद द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी किए जाने के बाद इसे केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया और भारत सरकार ने इसका प्रशासन संभाल लिया। उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी 2020 से दादरा और नगर हवेली तथा दमन एवं दीव का विलय कर एक नया केंद्र शासित प्रदेश “दादरा और नगर हवेली और दमन एवं दीव” बनाया गया है, जिसका प्रशासन अब एकीकृत रूप से संचालित किया जाता है।

दादरा और नगर हवेली की भौगोलिक एवं आर्थिक स्थिति

दादरा एवं नगर हवेली मुख्य रूप से ग्रामीण तथा जनजातीय क्षेत्र है। इसमें करीब 79 प्रतिशत आदिवासी लोग निवास करते हैं। गुजरात एवं महाराष्ट्र से घिरे इस क्षेत्र के दो अलग-अलग के हैं- दादरा एवं नगर हवेली। राज्य में चावल, गेहूं, रागी, गन्न लीची, दालें, आम, चीकू एवं केला मुख्य फसलें हैं। यहां सूती वस्त्र, इंजीनियरिंग का सामान, प्लास्टिक, इलेक्ट्रानिक सामान टेक्सटाइल का निर्माण मध्यम एवं लघु उद्योगों में होता है।

परिवहन

सड़क की कुल लंबाई 580 किमी. है। मुख्य रेलवे स्टेशन सिलवासा से 18 किमी. दूर वापी में है। राज्य में हवाई अड्डा नहीं  है।

पर्यटन स्थल

राज्य में ताड़केश्वर शिव मंदिर, वृंदावन, खानवेल का हिरन पार्क, बाणगंगा झील, द्वीप उद्यान दादरा, वन विहार, लघु विहार, बाल उद्यान, दादरा के चारों ओर झील से घिरे पार्क सहित अन्य स्थल हैं। यहां काली पूजा, रक्षा बंधन, भावड़ा त्योहार मनाए जाते हैं।

  1. दादरा और नगर हवेली की राजधानी क्या है?

    दमन

  2. दादरा और नगर हवेली किस राज्य में है?

    दादरा और नगर हवेली किसी राज्य में नहीं है। यह पहले भारत का एक अलग केंद्र शासित प्रदेश था। 26 जनवरी 2020 को इसका दमन एवं दीव के साथ विलय कर “दादरा और नगर हवेली और दमन एवं दीव” नाम का नया केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। वर्तमान में इसका प्रशासन भारत सरकार के अधीन संचालित होता है।

  3. क्या दादरा और नगर हवेली अब अलग केंद्र शासित प्रदेश है?

    नहीं। दादरा और नगर हवेली अब अलग केंद्र शासित प्रदेश नहीं है। 26 जनवरी 2020 को इसका विलय दमन एवं दीव के साथ कर दिया गया, जिसके बाद दोनों मिलकर “दादरा और नगर हवेली और दमन एवं दीव” नाम का एक ही केंद्र शासित प्रदेश बन गए। वर्तमान में इसका प्रशासन एक प्रशासक (Administrator) के माध्यम से भारत सरकार द्वारा संचालित किया जाता है।

  4. यहां कौन-कौन सी भाषाएं बोली जाती हैं?

    दादरा और नगर हवेली और दमन एवं दीव में हिंदी, गुजराती और अंग्रेज़ी प्रमुख प्रशासनिक भाषाएं हैं। इसके अलावा मराठी, कोंकणी, वारली, धोड़िया, भीली, कोंकणा और अन्य स्थानीय जनजातीय भाषाएं भी व्यापक रूप से बोली जाती हैं। सिलवासा और आसपास के क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों की अपनी पारंपरिक बोलियां आज भी प्रचलन में हैं, जो इस केंद्र शासित प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती हैं।

  5. यहां घूमने की प्रसिद्ध जगहें कौन सी हैं?

    दादरा और नगर हवेली और दमन एवं दीव में प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीव और ऐतिहासिक स्थलों का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों में सिलवासा, वनगंगा लेक गार्डन, लायन सफारी वन्यजीव पार्क, हिरवा वन गार्डन, दुधनी झील, तपोवन टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स, वांगंगा गार्डन, दादरा गार्डन और आवर लेडी ऑफ पायटी चर्च शामिल हैं। इसके अलावा दमन क्षेत्र में स्थित देवका बीच, जाम्पोर बीच, मोटी दमन किला और सेंट जेरोम किला (नानी दमन फोर्ट) भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।

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