Author: Shailja Dubey

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल लोगों को सही दिशा देने में कर सकें।" इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। अभी मैं दैनिक अपडेट, मनोरंजन, सामान्य ज्ञान और जीवनशैली समेत अन्य विषयों पर काम कर रही हूं।

चीनी (Sugar) प्रकृति से प्राप्त मिठास पैदा करने वाला ऐसा पदार्थ है, जिसे हम रोज ही प्रयोग करते हैं. यह गन्ने से प्राप्त की जाती है. मानव इसका इस्तेमाल प्राचीन काल से ही करता आ रहा है. गन्ने के अतिरिक्त चीनी हमें ताड़, चुकंदर और मैपिल के रस से भी प्राप्त होती है. दूसरा प्रकृति प्रदत्त मिठास पैदा करने वाला पदार्थ फ्रक्टोज है, जिसमें चीनी से आधी मिठास होती है. यह हमें फलों और शहद से प्राप्त होता है. ग्लूकोज, माल्टोज, लैक्टोज आदि कुछ दूसरे मिठास पैदा करने वाले पदार्थ है, जो हमें प्रकृति से मिलते हैं. ये सभी चीनी…

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अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) ने शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए पुरुषों और महिलाओं के लिए दैनिक  एडेड शुगर या चीनी (Added Sugar) की मात्रा निर्धारित की है। पुरुषों को प्रतिदिन 37.5 ग्राम या 9 चम्मच से अधिक एडेड शुगर (जिसमें 150 कैलोरी होती है) का सेवन नहीं करना चाहिए। महिलाओं को प्रतिदिन 25 ग्राम या 6 चम्मच से अधिक एडेड शुगर (जिसमें 100 कैलोरी होती है) का सेवन नहीं करना चाहिए। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह केवल एडेड शुगर के लिए अनुशंसित मात्रा है। इसमें प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाली शर्करा (शुगर), जैसे कि फलों,…

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विटिलिगो (Vitiligo): त्वचा का रंग छीनने वाली बीमारीविटिलिगो एक त्वचा रोग है जो शरीर के विभिन्न भागों में मेलेनिन (Melanin) के नष्ट होने के कारण सफेद धब्बे बना देता है। यह किसी भी उम्र, लिंग या जाति के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह 20 वर्ष से कम आयु के लोगों में सबसे आम है। यह एक गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन यह निश्चित रूप से सामाजिक और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकती है। यदि आपको लगता है कि आपको विटिलिगो हो सकता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना महत्वपूर्ण है। विटिलिगो के लक्षण विटिलिगो के कारण…

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लगभग 600 किस्म के समुद्री जीव ऐसे हैं, जिनके शरीर से प्रकाश पैदा होता है. इनसे पैदा होने वाले प्रकाश को जैविक-संदीप्ति (Bio- Luminescence) कहते हैं. संदीप्ति पैदा करने वाले समुद्री जीवों में मुख्यतः प्रोटोजोआ कोइलेट्रेट्स, पोलीकेक्ट्स, मौलस्क्स, क्रुस्टासींस तथा मछलियों के समूह आते हैं. समुद्रों में पाए जाने वाले बहुत से बैक्टीरिया, जैली फिश (Jelly Fish) स्पोजेंज (Sponges), मक्खियां और केंचुए भी प्रकाश पैदा करते हैं.  विभिन्न समुद्री जीव प्रकाश कैसे पैदा करते हैं? मछलियों तथा दूसरे समुद्री जीवों के गहन अध्ययन से पता चला है कि इन जंतुओं में प्रकाश का उत्सर्जन जटिल रासायनिक क्रियाओं के फलस्वरूप होता…

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जब झीलों या तालाबों की ऊपरी सतह बर्फ के रूप में जम जाती है तब भी निचली सतहों पर पानी नहीं जमता और इसीलिए उसके नीचे जीव जीवित अवस्था में बने रहते हैं ठंडे प्रदेशों में जब वातावरण का तापमान 0° सैल्सियस से कम हो जाता है, तो वहां के तालाबों, झीलों और नदियों का पानी जम जाता है. इस जमे हुए पानी में रहने वाले जीव-जंतु मरते नहीं हैं, इन्हें देखकर हमें आश्चर्य होता है कि ये बर्फ में जिन्दा कैसे रहते हैं. वास्तविकता तो यह है कि इन प्रदेशों में झीलों, तालाबों आदि में पानी की केवल ऊपरी…

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सैप्रोफाइट ऑरकिडस अपना भोजन मृत जीव-जंतुओं के शवों से प्राप्त करते हैं समस्त जंतु वर्ग अपने भोजन के लिए दूसरे जंतुओं पर या पौधों पर निर्भर रहता है. अधिकांश पौधे अपना भोजन प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) क्रिया से स्वयं ही बनाते हैं. परंतु बहुत से पौधे ऐसे भी हैं, जो क्लोरोफिल के अभाव में अपना भोजन स्वयं नहीं बना पाते, इसलिए वे अपना भोजन दूसरे पौधों से या मरे हुए जीव-जंतुओं से प्राप्त करते हैं. जो पौधे मृत पशुओं से भोजन प्राप्त करते हैं, सैप्रोफाइट (Saprophytes) कहलाते हैं और वे जो दूसरे पौधों से भोजन लेते हैं, पैरासाइट (Parasites) कहलाते हैं.…

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हम सभी उड़ने वाले कीट-पतंगों को प्रकाश की ओर आकर्षित होती हुए देखते हैं, लेकिन हम में से अधिकतर लोग यह नहीं जानते कि कीड़े प्रकाश की ओर आकर्षित क्यों होते हैं? कीट-पतंगों के प्रकाश की ओर आकर्षित होने में एक आश्चर्यजनक तथ्य यह भी है कि केवल नर कीड़े ही प्रकाश की ओर खिंचते हैं. कीट-पतंगे सभी प्रकाश स्रोतों की ओर समान रूप से आकर्षित नहीं होते. क्या तुम इन सभी प्रश्नों का उत्तर जानते हो? कीट-पतंगों का प्रकाश की ओर आकर्षित होना अरस्तू के समय से ही अध्ययन का विषय रहा है. 19वीं सदी के अंत में पेनसिलवानिया…

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कुछ पौधों की जड़ें भोज्य पदार्थ के एकत्रित हो जाने फूल जाती हैं. तब ये सब्जियों की तरह खाई जा सकती हैं. वे पौधे जिनकी जड़ें इस तरह की होती हैं कंद-मूल की उपज कहलाते हैं. कंद-मूल लंबे अरसे से भोज्य पदार्थों के रूप में पैदा किए जाते रहे हैं. ये पौधे विभिन्न पदार्थ धरती से खींच लेते हैं. इसलिए ये उपज के चक्र को सुव्यवस्थित करने में भी उपयोगी सिद्ध होते हैं. चुकंदर एक ऐसी ही जड़ है, जिसे मुख्य रूप से पकाकर खाया जाता है. यह मुख्य भोजन के साथ या सूप के रूप में परोसा जाता है,…

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रानी दीमक 15 वर्ष तक जीवित रहती है कीड़े-मकोड़े का जीवन-काल धरती पर रहने वाले दूसरे जीव-जंतुओं की तुलना में बहुत ही कम होता है. क्या आप जानते हो कि कौन से कीड़े दीर्घजीवी होते हैं? सबसे दीर्घजीवी कीड़े बुप्रेस्तिडेई (Buprestidae) परिवार के बीटल्स (Beetles) नाम के कीड़े हैं, जो लार्वा के रूप में 30 साल तक जिंदा रहते हैं. आइसोप्टेरा (Isoptera) परिवार की रानी दीमक (Queen Termite) के विषय मे पहले माना जाता था कि यह 50 वर्ष तक जीवित रहती है, लेकिन बाद में प्रयोगों से पता चला है कि यह केवल 15 वर्ष ही जिंदा रहती है.…

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बहुत से बीजों में पर्याप्त मात्रा में पर्याप्त मात्रा में तेल होता है. इनसे तेल निकालना व्यापारिक दृष्टि से से काफी लाभदायक होता है. विश्व में जिन बीजों से सबसे ज्यादा तेल निकाला जाता है वह है सोयाबीन, मूंगफली, पाम, बिनौला, जैतून और नारियल। खाने के तेल सरसों, तिल, तोरी के बीज, अलसी और सूरजमुखी से भी प्राप्त होते हैं. विभिन्न तेल वाले बीजों की खेती मुख्य रूप से खाने के लिए तेल प्राप्त करने या कृत्रिम मक्खन या अन्य खाने की चीजें उत्पादित करने के लिए ही की जाती हैं. सभी बीजों से तेल निकालने का मूल तरीका लगभग…

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