सीहोर। इंदौर और जबलपुर के बीच चलने वाली ओवरनाइट एक्सप्रेस (22191/22192) का सीहोर रेलवे स्टेशन पर ठहराव एक बार फिर शुरू होने जा रहा है। कोरोना महामारी के दौरान बंद किया गया यह स्टॉपेज लंबे समय से स्थानीय यात्रियों की प्रमुख मांग बना हुआ था। रेल मंत्रालय ने इस मांग को मंजूरी दे दी है, जिससे सीहोर जिले समेत आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि ट्रेन के पुनः ठहराव की सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
कोरोना काल में बंद हुआ था ठहराव
ओवरनाइट एक्सप्रेस का सीहोर स्टेशन पर ठहराव कोरोना काल के दौरान रेलवे द्वारा किए गए परिचालन बदलावों के बीच बंद कर दिया गया था। इसके बाद सीहोर के यात्रियों को इंदौर-जबलपुर रूट पर यात्रा करने के लिए भोपाल या अन्य स्टेशनों का सहारा लेना पड़ रहा था। इससे समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ रहे थे।
जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने उठाई थी मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार इस मुद्दे को उठाया जा रहा था। मामले को लेकर भोपाल सांसद आलोक शर्मा से भी संपर्क किया गया था। सांसद ने यात्रियों की समस्या को रेल मंत्रालय तक पहुंचाते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर ट्रेन का सीहोर में पुनः ठहराव शुरू करने का अनुरोध किया था।
अपने पत्र में सांसद ने उल्लेख किया था कि सीहोर जिले के बड़ी संख्या में विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और अन्य यात्री इस ट्रेन का नियमित उपयोग करते हैं। स्टॉपेज बंद होने से उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
रेल मंत्रालय ने दी मंजूरी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सांसद की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए ओवरनाइट एक्सप्रेस के सीहोर स्टेशन पर ठहराव को मंजूरी प्रदान कर दी है। मंजूरी मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर खुशी का माहौल है और यात्रियों ने इसे लंबे इंतजार के बाद मिली राहत बताया है।
सीहोर और आसपास के इलाकों को क्या होगा फायदा?
सीहोर मध्य प्रदेश के प्रमुख कृषि और व्यापारिक जिलों में शामिल है। इंदौर और जबलपुर दोनों शहरों से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय और सरकारी कार्यों के लिए बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में ट्रेन का पुनः ठहराव शुरू होने से यात्रियों का समय बचेगा और उन्हें दूसरे स्टेशनों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे स्टॉपेज बहाल होने से सीहोर स्टेशन की यात्री गतिविधियों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिसका स्थानीय अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
रेल मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद अब रेलवे प्रशासन द्वारा टाइम टेबल और परिचालन संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद ट्रेन के सीहोर स्टेशन पर ठहराव शुरू होने की आधिकारिक तारीख घोषित की जाएगी। यात्रियों की नजर अब इसी घोषणा पर टिकी हुई है।

