भोपाल। मध्य प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण विमानन परियोजनाओं में शामिल राजा भोज एयरपोर्ट के पैरेलल टैक्सीवे प्रोजेक्ट को बड़ा झटका लगा है। भोपाल स्थित राजा भोज एयरपोर्ट पर बन रहा राज्य का पहला फुल-लेंथ पैरेलल टैक्सीवे अब तय समय से करीब 7 से 8 महीने देरी से पूरा होने की संभावना है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के अधिकारियों के अनुसार वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के कारण देशभर में बिटुमेन (कोलतार) की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे निर्माण कार्य की गति धीमी पड़ गई है।
यह परियोजना मार्च 2025 में शुरू हुई थी और मूल योजना के अनुसार जून 2026 तक पूरी होनी थी। हालांकि अब सामग्री की कमी और लागत बढ़ने के कारण इसकी समयसीमा आगे बढ़ गई है।
क्या है MP First Parallel Taxiway Track Project?
राजा भोज एयरपोर्ट पर बन रहा यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश के किसी ऑपरेशनल एयरपोर्ट पर बनने वाला पहला फुल-लेंथ पैरेलल टैक्सीवे माना जा रहा है।
परियोजना के प्रमुख हिस्से:
- 2,744 मीटर लंबा फुल-लेंथ पैरेलल टैक्सी ट्रैक
- 2 रैपिड एग्जिट टैक्सीवे (RET)
- 2 लिंक टैक्सी ट्रैक
- एयरक्राफ्ट मूवमेंट को तेज बनाने वाली नई एयरसाइड व्यवस्था
- रनवे उपयोग क्षमता बढ़ाने की योजना
AAI के अनुसार परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में पुराने एप्रन को हटाने और नए पेवमेंट निर्माण की तैयारी का काम चल रहा है।
वैश्विक युद्ध का भोपाल एयरपोर्ट पर कैसे पड़ा असर?
एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक हाल के अंतरराष्ट्रीय संघर्षों और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़े दबाव के कारण बिटुमेन की उपलब्धता प्रभावित हुई है। सड़क और एयरफील्ड निर्माण में उपयोग होने वाला यही प्रमुख पदार्थ टैक्सीवे निर्माण की रीढ़ माना जाता है।
आपूर्ति में कमी के साथ इसकी कीमतों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जिससे परियोजना की लागत और समय दोनों प्रभावित हुए हैं।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
हालांकि देरी हुई है, लेकिन परियोजना पूरी होने के बाद भोपाल एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
- विमानों को रनवे जल्दी खाली करने में मदद
- टेकऑफ और लैंडिंग के बीच प्रतीक्षा समय में कमी
- एयर ट्रैफिक प्रबंधन अधिक सुगम
- भविष्य में उड़ानों की संख्या बढ़ाने की क्षमता
- सुरक्षा मानकों में सुधार
विशेषज्ञों का मानना है कि पैरेलल टैक्सीवे बनने के बाद रनवे पर विमानों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी और एयरपोर्ट भविष्य की यात्री वृद्धि को बेहतर ढंग से संभाल सकेगा।
भोपाल और मध्य प्रदेश के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रोजेक्ट?
भोपाल तेजी से विकसित हो रहे प्रशासनिक और सेवा क्षेत्र केंद्र के रूप में उभर रहा है। ऐसे में एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करना राज्य की आर्थिक गतिविधियों, निवेश और पर्यटन के लिए अहम माना जा रहा है।
यह प्रोजेक्ट केवल एयरपोर्ट विस्तार नहीं बल्कि मध्य प्रदेश की विमानन अवसंरचना को अगले स्तर पर ले जाने की योजना का हिस्सा है। यदि परियोजना निर्धारित संशोधित समयसीमा में पूरी होती है तो भोपाल एयरपोर्ट भविष्य के एयर ट्रैफिक दबाव को संभालने में कहीं अधिक सक्षम हो सकेगा।
फिलहाल निर्माण एजेंसियां बिटुमेन आपूर्ति सामान्य होने का इंतजार कर रही हैं। सामग्री उपलब्ध होते ही शेष पेवमेंट और संबंधित कार्यों को तेजी से पूरा करने की योजना है। एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

