Friday, 10 July

मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया अब तेजी पकड़ती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सभी विभागों से पदोन्नति की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट मांगे जाने के बाद विभिन्न महकमों में फाइलों के निस्तारण की रफ्तार बढ़ गई है। जिन विभागों में अब तक प्रक्रिया धीमी थी, वहां भी वरिष्ठता सूची, विभागीय पदोन्नति समितियों (डीपीसी) और रिक्त पदों के सत्यापन का काम तेज कर दिया गया है।

पुलिस विभाग में सबसे बड़ी कवायद, 10 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को मिल सकता है लाभ

गृह विभाग के अधीन पुलिस मुख्यालय ने भी पदोन्नति संबंधी तैयारियां तेज कर दी हैं। विभागीय स्तर पर आरक्षक से लेकर निरीक्षक तक विभिन्न श्रेणियों की पदोन्नति सूची तैयार की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के तहत प्रदेशभर में 10 हजार से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलने की संभावना है। इनमें निरीक्षक से डीएसपी पद पर पदोन्नति के लिए प्रस्तावित करीब 410 अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि इस श्रेणी में अंतिम कार्रवाई गृह विभाग और लोक सेवा आयोग के बीच आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

जिला और मुख्यालय स्तर पर अलग-अलग होगी प्रक्रिया

पुलिस विभाग में आरक्षक से प्रधान आरक्षक, प्रधान आरक्षक से सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई), एएसआई से उपनिरीक्षक (एसआई) और एसआई से निरीक्षक पद तक पदोन्नति की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से संचालित की जा रही है। आरक्षक से एएसआई तक के मामलों का निपटारा जिला स्तर पर होगा, जबकि एसआई से ऊपर के पदों पर अंतिम निर्णय पुलिस मुख्यालय करेगा। इसी दौरान होमगार्ड और विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) में भी पदोन्नति संबंधी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

नगर निकायों से लेकर इंजीनियरिंग विभागों तक बढ़ी गतिविधियां

नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर परिषदों को पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कई जिलों में वरिष्ठता सूची तैयार हो चुकी है, जबकि विभागीय पदोन्नति समितियां अंतिम सूची तैयार करने में जुटी हैं।

उधर, जल संसाधन विभाग में अधीक्षण यंत्रियों को मुख्य अभियंता पद पर पदोन्नत करने की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री और उपयंत्री स्तर पर भी वरिष्ठता सूची अपडेट की जा रही है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) ने भी लंबित पदोन्नति मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी है।

मुख्यमंत्री सचिवालय की समीक्षा के बाद बढ़ी गति

मुख्यमंत्री सचिवालय ने 8 जुलाई को सभी विभागों से पदोन्नति की ताजा स्थिति उपलब्ध कराने को कहा था। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन पोर्टल पर विभाग लगातार रिक्त पदों और प्रगति से जुड़ी जानकारी अपडेट कर रहे हैं। हालांकि उपलब्ध आंकड़ों से संकेत मिलता है कि कई विभागों ने अभी तक सभी रिक्त पदों और लंबित मामलों का पूरा विवरण अपलोड नहीं किया है।

ओपन लिंक को लेकर उठे सवाल

पदोन्नति संबंधी जानकारी एकत्र करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा साझा किए गए ऑनलाइन लिंक को सभी विभागों के लिए खुला रखा गया है। इसे लेकर डेटा सुरक्षा और संभावित छेड़छाड़ की आशंकाएं भी सामने आई हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी कार्यालयों से समय पर जानकारी प्राप्त करने और अपडेट सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था अपनाई गई है।

होमगार्ड मुख्यालय ने दायर की केविएट

पदोन्नति प्रक्रिया के बीच होमगार्ड मुख्यालय ने संभावित कानूनी विवादों को देखते हुए केविएट भी दायर की है। मुख्यालय की ओर से सभी डिवीजनल कमांडेंट को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी पदोन्नति के खिलाफ न्यायालय का रुख करता है तो संबंधित याचिका की प्रति डायरेक्टर जनरल, होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा मुख्यालय को तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय पर पक्ष रखा जा सके।

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