टीकमगढ़ जिले के अस्तोन गांव में गुरुवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। सिद्ध सागर तालाब में नहाने गए तीन नाबालिग बच्चे प्रिंस अहिरवार (12), दीपेश अहिरवार (13) और राज अहिरवार (13) पानी में डूब गए और उनकी मौत हो गई। घटना दोपहर करीब 12 बजे हुई जब चारों दोस्त खेलते-खेलते तालाब पहुंचे थे। चौथा बच्चा देव (12) किसी तरह बच निकला और दौड़कर गांव में सूचना दी।
हादसा कैसे हुआ?
ग्रामीणों के मुताबिक तालाब के किनारे पानी कम था, लेकिन पूर्व में हुई मिट्टी की खुदाई से भीतर 10–12 फीट गहरे गड्ढे बन गए थे। बच्चे खेलते-खेलते इसी हिस्से में चले गए। एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में तीनों गहरे पानी में समा गए।
देव ने गांव पहुंचकर परिजनों को बताया तो पूरा मोहल्ला लाठी-रस्सियों के साथ तालाब की ओर दौड़ा। ग्रामीणों ने पानी में उतरकर घंटों मशक्कत की और आखिरकार तीनों बच्चों के शव बाहर निकाले। हादसे के बाद अस्तोन गांव और कंचनपुरा मोहल्ले में मातम छा गया।
सुरक्षा इंतज़ामों की कमी
गांव के लोगों का कहना है कि तालाब में गहरे गड्ढों की जानकारी प्रशासन को पहले से थी, लेकिन कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा इंतज़ाम नहीं किए गए। यह सवाल अब उठ रहा है कि क्या स्थानीय प्रशासन ने लापरवाही बरती? ग्रामीणों का कहना है कि अगर तालाब किनारे चेतावनी पट्टिका या बैरिकेडिंग होती तो शायद मासूमों की जान बच सकती थी।
घटना के बाद गांव में गुस्सा और गम दोनों है। परिजन और ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि तालाब की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जाए और बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र तैयार किए जाएं।
