Thursday, 11 June

भोपाल/उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को गति देने के लिए राज्य सरकार ने 491.66 करोड़ रुपए की लागत वाले 17 नए विकास कार्यों को मंजूरी दे दी है। इनमें उज्जैन जिले के 155.93 करोड़ रुपए के नौ प्रमुख कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को भोपाल में आयोजित सिंहस्थ मंत्री मंडलीय समिति की छठी बैठक में यह निर्णय लिया गया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंहस्थ 2028 के आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी विकास कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने बेहतर सड़क नेटवर्क, आधारभूत संरचना के विस्तार, शिप्रा नदी के घाटों के निर्माण, श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त जल उपलब्धता तथा ठहरने और आवागमन की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग होगा

मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ के दौरान संभावित बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए भीड़ प्रबंधन की प्रभावी रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल, आपदा प्रबंधन की विस्तृत योजना और चिकित्सा सुविधाओं के लिए माइक्रो प्लानिंग करने को कहा।

बैठक में उज्जैन के मेला अधिकारी आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सात जिलों में 16,910 करोड़ रुपए से अधिक के कार्य जारी

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत वर्तमान में उज्जैन सहित आसपास के सात जिलों में 16,910 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 148 विकास एवं निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर बन रहे 29 किलोमीटर लंबे घाट

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शिप्रा नदी के दोनों ओर करीब 29 किलोमीटर लंबे नए घाटों का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने घाटों तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क संपर्क और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी कहा कि घाटों के आसपास स्थित आश्रमों और गुरुकुलों को घाट प्रबंधन से जोड़ा जाए, ताकि धार्मिक संस्थानों को सहयोग मिल सके और सिंहस्थ के बाद भी इन सुविधाओं का दीर्घकालिक उपयोग सुनिश्चित हो।

होटल और आवास सुविधाओं का तैयार होगा डाटा

बैठक में इंदौर और उज्जैन क्षेत्र में होटल निर्माण से जुड़े लंबित बिल्डिंग परमिशन आवेदनों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए। सरकार का मानना है कि सिंहस्थ के दौरान ये अतिरिक्त आवासीय सुविधाएं श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी साबित होंगी।

इसके अलावा उज्जैन, इंदौर और देवास क्षेत्र के सभी होटल, लॉज, धर्मशाला और होम स्टे की आवास क्षमता तथा उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत डाटा एकत्र करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उज्जैन के इन प्रमुख विकास कार्यों को मिली मंजूरी

  • शनि मंदिर से प्रशांति धाम चौराहे तक पुल और एप्रोच रोड निर्माण – 30 करोड़ रुपए
  • तपोभूमि से पिपलियाराघो पंचक्रोशी मार्ग पर कान्ह नदी पर समानांतर नया पुल – 12 करोड़ रुपए
  • तपोभूमि से गंगेड़ी होते हुए राघोपिपल्या तक 5.5 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़क – 30 करोड़ रुपए
  • देवास रोड से लालपुर होते हुए गरोठ मार्ग तक ढाई किलोमीटर लंबे पंचक्रोशी मार्ग का फोरलेन निर्माण – 18 करोड़ रुपए
  • देवास रोड पर रेस्ट हाउस का निर्माण – 2.36 करोड़ रुपए
  • देवास रोड स्थित पीडब्ल्यूडी सर्किट हाउस का विस्तार और नवीनीकरण
  • लेकोड़ा से टनकारिया रेलवे स्टेशन रोड तक 2.50 किलोमीटर लंबी सड़क – 13.28 करोड़ रुपए
  • महाकाल थाना से चौबीस खंबा मार्ग तक 180 मीटर लंबी नई सड़क – 4 करोड़ रुपए
  • कुशाभाऊ ठाकरे मार्ग से छोटी रपट तक सड़क चौड़ीकरण – 36.75 करोड़ रुपए

सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी तेज

सरकार का फोकस केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यातायात, आवास, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे को स्थायी रूप से मजबूत करने पर भी है। आगामी सिंहस्थ में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

Share.
Exit mobile version