मध्यप्रदेश के दमोह जिले में जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए। केंद्रीय मंत्री वीरेन्द्र सिंह खटीक की मौसी तुलसा खटीक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग लेकर अधिकारियों के पास पहुंचीं। बातचीत के दौरान उनका भावुक बयान चर्चा का विषय बन गया।
जनसुनवाई में सीईओ से पूछा- आवास कब मिलेगा?
मंगलवार को तेंदूखेड़ा जनपद कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में तुलसा खटीक ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) से पूछा कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ कब तक मिलेगा। इस पर सीईओ ने बताया कि प्रक्रिया में करीब एक वर्ष का समय लग सकता है।
अधिकारी का जवाब सुनकर तुलसा खटीक भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “अगर तब तक जीवित रही तो क्या आवास का लाभ मिल जाएगा?” उनका यह बयान वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया।
अकेले रहकर सब्जी बेचकर करती हैं गुजारा
जानकारी के अनुसार, तुलसा खटीक दमोह जिले के तेजगढ़ क्षेत्र में अकेले रहती हैं। उनके पति का पहले ही निधन हो चुका है और उनकी कोई संतान भी नहीं है। आजीविका के लिए वे सब्जी बेचने का काम करती हैं। उन्होंने बताया कि लंबे समय से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
योजना के लाभ की प्रतीक्षा
तुलसा खटीक का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया है, लेकिन अब तक उन्हें स्वीकृति नहीं मिल सकी है। जनसुनवाई में उन्होंने अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की मांग की, ताकि उन्हें पक्के घर का लाभ मिल सके।