Sunday, 21 June

भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की औपचारिक एंट्री का इंतजार अभी जारी है, लेकिन प्री-मानसूनी गतिविधियों ने कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदल दिया है। शनिवार को राजधानी भोपाल और उज्जैन में हुई तेज बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार भोपाल में 33 मिलीमीटर और उज्जैन में 59 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

भोपाल में तापमान गिरा, छिंदवाड़ा में गर्मी बरकरार

बारिश का असर राजधानी के तापमान पर भी दिखाई दिया। भोपाल का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री कम रहा। वहीं जिन क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई, वहां गर्मी का असर बना रहा। छिंदवाड़ा प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 7.9 डिग्री अधिक है।

37 जिलों में आंधी, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग ने रविवार के लिए प्रदेश के 37 जिलों में झंझावात, मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। कई क्षेत्रों में 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।

इन मौसम प्रणालियों का दिख रहा असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और उससे पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी विदर्भ, दक्षिणी छत्तीसगढ़ होते हुए तटीय आंध्र प्रदेश तक फैली ट्रफ लाइन का प्रभाव मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। इसी वजह से अगले दो से तीन दिनों में प्री-मानसूनी गतिविधियों के और तेज होने की संभावना है।

इन जिलों में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग का अनुमान है कि पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां अधिक सक्रिय रह सकती हैं। मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी और रीवा संभाग के जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

इसके अलावा भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और सिवनी सहित मध्य क्षेत्र के कई जिलों में भी गरज-चमक के साथ अच्छी वर्षा दर्ज होने के आसार हैं।

पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बने रहेंगे बारिश के संकेत

इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन और बड़वानी जिलों में भी कहीं-कहीं तेज बौछारें और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि इन क्षेत्रों में वर्षा का वितरण पूर्वी जिलों की तुलना में कम रहने की संभावना है।

खराब मौसम के दौरान बरतें सावधानी

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि मेघगर्जन और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, जलाशयों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। तेज हवाओं और वज्रपात की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर शरण लेना बेहतर रहेगा।

कब पहुंचेगा मानसून?

दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के हिस्सों तक सक्रिय है। मौसम विभाग के अनुसार 23 जून के आसपास इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन सकती हैं। यदि प्रगति सामान्य रही तो मानसून 25 से 26 जून के आसपास मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।

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