RDU Convocation 2026: रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है। एक ओर समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय ने पहली बार अपनी उपाधियों, अंकसूचियों, स्वर्ण पदकों और प्रमाण-पत्रों पर ‘इंडिया’ के स्थान पर आधिकारिक रूप से ‘भारत’ शब्द अंकित करने का निर्णय लिया है।
आधिकारिक दस्तावेजों में ‘भारत’ को मिली प्राथमिकता
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा के अनुसार, संस्थान ने जनवरी 2025 से अपने पत्राचार और विभिन्न आधिकारिक दस्तावेजों में ‘भारत’ शब्द का उपयोग शुरू कर दिया था। अब इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए दीक्षांत समारोह में वितरित होने वाली सभी उपाधियों और प्रमाण-पत्रों पर भी ‘भारत’ अंकित किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह कदम भारतीय पहचान, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय अस्मिता को प्रमुखता देने की दिशा में उठाया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों के दस्तावेजों में भारतीय भाषाई और सांस्कृतिक पहचान का प्रतिबिंब दिखाई देना चाहिए।
राष्ट्रपति मुर्मु की मौजूदगी से बढ़ा समारोह का महत्व
21 जून को आयोजित होने वाले 36वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता मध्य प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल करेंगे। समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति को विश्वविद्यालय और महाकौशल क्षेत्र के लिए विशेष उपलब्धि माना जा रहा है।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की पहल को आगे बढ़ाने का दावा
प्रो. वर्मा के अनुसार, आधिकारिक दस्तावेजों में ‘भारत’ शब्द के उपयोग की शुरुआत सबसे पहले देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने की थी। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की इस पहल को विभिन्न स्तरों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और इसे भारतीयता के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
दीक्षांत समारोह में मिलेंगी सैकड़ों उपाधियां
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, 36वें दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक, पीएचडी सहित विभिन्न शैक्षणिक उपाधियां प्रदान की जाएंगी। राष्ट्रपति की यात्रा को देखते हुए सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां कई दिनों से जारी हैं।