Saturday, 27 June

मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत करीब 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले लगभग दो वर्षों से न्यूनतम वेतन का एरियर नहीं मिल पाया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), उपस्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत इन कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की ओर से एरियर भुगतान संबंधी निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर भुगतान की प्रक्रिया अब भी पूरी नहीं हो सकी है।

रिकॉर्ड व्यवस्थित नहीं होने से अटका भुगतान

कर्मचारियों के अनुसार एरियर वितरण में सबसे बड़ी समस्या रिकॉर्ड का व्यवस्थित नहीं होना है। कई जिलों में हर वर्ष आउटसोर्स एजेंसियां बदलने के कारण कर्मचारियों का सेवा रिकॉर्ड बिखर गया है। कई मामलों में नियुक्ति और सेवा समाप्ति का डेटा भी सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया, जिससे यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि किस कर्मचारी को कितना एरियर मिलना है। इसी वजह से विभागीय स्तर पर भुगतान की प्रक्रिया लगातार विलंब का सामना कर रही है।

अप्रैल 2024 से संशोधित न्यूनतम वेतन लागू करने के निर्देश

श्रम आयुक्त के आदेश के बाद अप्रैल 2024 से संशोधित न्यूनतम वेतन लागू करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके तहत आउटसोर्स कर्मचारियों को पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन का लाभ मिलना था। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि अधिकांश स्थानों पर अब भी संशोधित वेतन और उसका एरियर पूरी तरह नहीं मिल सका है।

प्रति कर्मचारी 70 से 75 हजार रुपये तक एरियर बकाया

बताया जा रहा है कि वर्तमान में कई कर्मचारी 8 से 9 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर कार्य कर रहे हैं, जबकि अकुशल श्रमिकों के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन करीब 12,450 रुपये प्रतिमाह है।

जानकारी के अनुसार अप्रैल 2024 से अब तक करीब 26 महीने का एरियर लंबित है। अनुमान है कि प्रत्येक पात्र कर्मचारी को लगभग 70 हजार से 75 हजार रुपये तक का बकाया मिल सकता है।

29 मई को जारी हुआ था एनएचएम का आदेश

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने 29 मई को एरियर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए आदेश जारी किया था। इसके बाद 15 जून को सभी जिलों से पात्र कर्मचारियों का सत्यापित और अद्यतन डेटा भेजने के निर्देश भी दिए गए।

हालांकि कई जिलों से अभी तक पूरी जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी है, जिसके कारण भुगतान प्रक्रिया अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी।

कर्मचारियों में बढ़ रही नाराजगी

एरियर भुगतान में लगातार हो रही देरी से आउटसोर्स कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में कर्मचारी प्रदर्शन कर चुके हैं और जल्द भुगतान की मांग उठा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है।

Share.
Exit mobile version