भोपाल मेट्रो की ब्लू लाइन परियोजना में रत्नागिरी तिराहा से जेके रोड तिराहे तक निर्माण कार्य अगले चरण में पहुंच गया है। करीब 2.23 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर पर सभी पिलरों का निर्माण पूरा होने के बाद अब उनके ऊपर गर्डर लॉन्चिंग का काम शुरू कर दिया गया है। इसके बाद इस हिस्से में ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
इस खंड की एक खास बात यह है कि यहां प्रस्तावित चारों मेट्रो स्टेशनों के बीच की दूरी एक किलोमीटर से भी कम है। रत्नागिरी से पिपलानी स्टेशन की दूरी लगभग 0.68 किमी, पिपलानी से इंद्रपुरी 0.73 किमी और इंद्रपुरी से जेके रोड स्टेशन 0.82 किमी है। हालांकि इन स्टेशनों के भवनों का निर्माण अभी शुरू होना बाकी है।
गर्डर लॉन्चिंग के बाद ट्रैक बिछाने की तैयारी
मेट्रो प्रबंधन के अनुसार, पिलरों पर गर्डर स्थापित होने के बाद इसी हिस्से में ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इससे ब्लू लाइन के इस सेक्शन में निर्माण गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।
14.21 किमी लंबा है ब्लू लाइन का एलिवेटेड कॉरिडोर
ब्लू लाइन के तहत भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा तक कुल 14.21 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जा रहा है। परियोजना का निर्माण कार्य फरवरी 2025 में शुरू हुआ था और इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
दूसरे छोर पर अभी धीमी है निर्माण की रफ्तार
जहां रत्नागिरी तिराहा की ओर निर्माण कार्य दूसरे चरण में पहुंच चुका है, वहीं भदभदा चौराहा से डिपो चौराहा तक करीब 1.31 किलोमीटर के हिस्से में पिलरों का निर्माण अभी पूरा नहीं हो सका है। कुछ समय पहले यहां गर्डर लॉन्चिंग का परीक्षण किया गया था, लेकिन सभी पिलर तैयार नहीं होने के कारण नियमित गर्डर लॉन्चिंग का काम अभी शुरू नहीं हो पाया है।
यदि दोनों छोर पर निर्माण कार्य की गति में समानता नहीं आती, तो निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे कॉरिडोर का निर्माण पूरा करना परियोजना के लिए चुनौती बन सकता है।
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