मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए अवकाश नकदीकरण (लीव एनकैशमेंट) को लेकर लंबे समय से बनी भ्रम की स्थिति को दूर करते हुए वित्त विभाग ने सभी विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब सेवानिवृत्ति, अनिवार्य सेवानिवृत्ति, असमर्थता पेंशन या सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में अर्जित अवकाश के नकदीकरण की गणना एक तय प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
नए स्पष्टीकरण के अनुसार किसी भी कर्मचारी को पूरे सेवाकाल में अधिकतम 300 दिवस के अर्जित अवकाश के नकदीकरण का लाभ मिलेगा। यदि कर्मचारी के अवकाश खाते में 300 दिन से अधिक अर्जित अवकाश जमा है तो अतिरिक्त दिनों के लिए कोई आर्थिक भुगतान नहीं किया जाएगा। यह व्यवस्था पहले से लागू 300 दिन की सीमा को स्पष्ट करती है और विभागों को गणना का एक समान आधार उपलब्ध कराती है।
पहले कितना मिलता था लाभ?
मध्य प्रदेश में पहले अर्जित अवकाश के नकदीकरण की सीमा 270 दिन थी। केंद्र सरकार द्वारा सीमा बढ़ाए जाने के बाद राज्य में भी अधिकतम 300 दिन तक के नकदीकरण का प्रावधान लागू किया गया था। वित्त विभाग ने वर्ष 2018 में अर्जित अवकाश संचयन सीमा को 240 दिन से बढ़ाकर 300 दिन किया था, जिसके बाद कर्मचारियों को अधिक लाभ मिलने लगा।
यदि पहले नकदीकरण करा चुके हैं तो क्या होगा?
वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारी यदि सेवाकाल के दौरान पहले अर्जित अवकाश का नकदीकरण करा चुका है, तो उस अवधि को कुल 300 दिनों की सीमा से घटाया जाएगा।
उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी ने पहले 30 दिनों के अर्जित अवकाश का नकदीकरण कराया है, तो सेवानिवृत्ति के समय उसे अधिकतम 270 दिनों के अवकाश का ही भुगतान मिलेगा, भले ही उसके खाते में इससे अधिक अवकाश जमा हो।
नकदीकरण की राशि कैसे तय होगी?
अवकाश नकदीकरण की गणना करते समय विभाग निम्न प्रमुख बिंदुओं को आधार बनाएगा:
- सेवानिवृत्ति या मृत्यु के समय का मूल वेतन (Basic Pay)
- उस समय लागू महंगाई भत्ता (DA)
- कर्मचारी के खाते में उपलब्ध अर्जित अवकाश
- पहले किए गए अवकाश नकदीकरण की अवधि
- संबंधित सेवा नियमों के प्रावधान
यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 1 लाख रुपये और महंगाई भत्ता 58 हजार रुपये है तथा वह पहले 30 दिन के अवकाश का नकदीकरण करा चुका है, तो शेष 270 दिनों के आधार पर भुगतान की गणना की जाएगी।
विभागों में बार-बार उठ रहे थे सवाल
सूत्रों के अनुसार कई विभागों में अवकाश नकदीकरण की गणना को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं सामने आ रही थीं। इसके कारण बार-बार वित्त विभाग से मार्गदर्शन मांगा जाता था और कई मामलों के निपटारे में देरी होती थी।
नई स्पष्टता के बाद विभागीय अधिकारियों को एक समान गणना पद्धति मिल जाएगी, जिससे लंबित मामलों के निराकरण में तेजी आने की उम्मीद है।
कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
अवकाश नकदीकरण सेवानिवृत्ति लाभों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। कई कर्मचारी वर्षों तक अर्जित अवकाश का उपयोग नहीं करते और उसे भविष्य के लिए संचित रखते हैं। ऐसे में 300 दिन तक के अवकाश पर नकद भुगतान मिलने से सेवानिवृत्ति के समय उन्हें एकमुश्त बड़ी राशि प्राप्त हो सकती है।
वित्त विभाग द्वारा जारी यह स्पष्टीकरण कर्मचारियों को पहले से यह समझने में भी मदद करेगा कि उनकी सेवा समाप्ति के समय संभावित भुगतान कितना हो सकता है और उसकी गणना किस आधार पर होगी।