इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड कॉरिडोर पर जल्द ही निर्माण का नया चरण शुरू होने जा रहा है। एयरपोर्ट से रेलवे स्टेशन और आगे खजराना तक प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो लाइन के लिए टनल बोरिंग मशीन (TBM) इंदौर पहुंचने की तैयारी में हैं। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार शुरुआती दो मशीनें जून के अंत तक पहुंच सकती हैं। इनके जरिए एयरपोर्ट क्षेत्र से सुरंग निर्माण शुरू होगा, जबकि बाद में रेलवे स्टेशन से दो और टीबीएम अलग-अलग ट्रैक पर खुदाई शुरू करेंगी। पूरी योजना का उद्देश्य दोनों दिशाओं से बनने वाली सुरंगों को रेलवे स्टेशन के आसपास जोड़कर एक सतत भूमिगत नेटवर्क तैयार करना है।
एयरपोर्ट से शुरू होगी अंडरग्राउंड सुरंग की खुदाई
मेट्रो परियोजना के तहत एयरपोर्ट क्षेत्र में विशेष शाफ्ट तैयार किए जा रहे हैं, जहां से टीबीएम को जमीन के भीतर उतारा जाएगा। मशीनों के सक्रिय होने के बाद वे धीरे-धीरे रेलवे स्टेशन की दिशा में सुरंग बनाते हुए आगे बढ़ेंगी। दोनों ट्रैक का निर्माण समानांतर रूप से होगा, जिससे परियोजना की गति बढ़ाने में मदद मिलेगी।
अधिकारियों के मुताबिक मशीनों के इंस्टॉलेशन से पहले तकनीकी परीक्षण, सॉफ्टवेयर कॉन्फिगरेशन और अन्य इंजीनियरिंग प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं।
रेलवे स्टेशन से भी शुरू होगा दूसरा चरण
परियोजना के दूसरे हिस्से में रेलवे स्टेशन से खजराना की ओर भूमिगत कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। इसके लिए दो अतिरिक्त टीबीएम तैनात की जाएंगी। ये मशीनें रेलवे स्टेशन से आगे बढ़ते हुए प्रस्तावित अंडरग्राउंड स्टेशनों को जोड़ते हुए खजराना तक सुरंग बनाएंगी।
मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि दोनों दिशाओं से बनने वाले अंडरग्राउंड रूट रेलवे स्टेशन के आसपास आपस में जुड़ेंगे, जिससे पूरा भूमिगत नेटवर्क निर्बाध रूप से संचालित किया जा सकेगा।
टेंडर और तकनीकी प्रक्रिया भी अंतिम चरण में
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार अंडरग्राउंड कॉरिडोर के लिए आवश्यक टेंडर प्रक्रिया और तकनीकी औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। संबंधित एजेंसी को कार्यादेश मिलने के बाद मशीनों का परीक्षण और फील्ड ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।
क्यों अहम है यह अंडरग्राउंड कॉरिडोर?
इंदौर के सबसे व्यस्त इलाकों एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, पलासिया, बड़ा गणपति और खजराना में घनी आबादी और भारी यातायात को देखते हुए इस हिस्से को भूमिगत बनाने का फैसला लिया गया है। इससे सतह पर ट्रैफिक बाधित हुए बिना मेट्रो नेटवर्क विकसित किया जा सकेगा और भविष्य में शहर के प्रमुख व्यावसायिक एवं धार्मिक क्षेत्रों के बीच तेज सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा।
इंदौर मेट्रो परियोजना की वर्तमान स्थिति
इंदौर मेट्रो के प्राथमिक एलिवेटेड कॉरिडोर पर पहले से परिचालन शुरू हो चुका है और नेटवर्क का विस्तार जारी है। हाल ही में परियोजना की संशोधित लागत को भी मंजूरी दी गई है, जिसमें भूमिगत निर्माण सहित विस्तारित कार्यों को शामिल किया गया है। अंडरग्राउंड कॉरिडोर को परियोजना के सबसे चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण चरणों में माना जा रहा है।