Saturday, 20 June

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा घोषित भोपाल और इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में अब विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Metropolitan Area Development Authority) के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्राधिकरण की शक्तियों और दायित्वों से जुड़े नियमों का प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसे आगामी मंत्रिपरिषद बैठक में मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। प्राधिकरण के गठन के बाद कॉलोनियों, औद्योगिक परियोजनाओं और बड़े निवेश प्रस्तावों से जुड़ी कई अनुमतियां एक ही मंच से मिलने का रास्ता साफ होगा।

राज्य सरकार का उद्देश्य उन प्रक्रियाओं को सरल बनाना है जिनमें अभी विभिन्न विभागों और कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। प्रस्तावित व्यवस्था में विकास योजनाओं के लिए आवश्यक अनुमतियों का केंद्रीकरण किया जाएगा, जिससे निवेश और अधोसंरचना परियोजनाओं की गति बढ़ाने की उम्मीद है।

सबसे बड़ा बदलाव: एक खिड़की से मिल सकती हैं कई मंजूरियां

मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र घोषित होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण कदम प्राधिकरण का गठन माना जा रहा है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार क्षेत्र के भीतर विकास संबंधी कई निर्णयों का अधिकार प्राधिकरण के पास रहेगा। हालांकि, नगरीय निकायों और पंचायत संस्थाओं के मौजूदा वैधानिक अधिकारों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी समानांतर रूप से बनाई जा रही है।

इस मॉडल का सीधा असर रियल एस्टेट, औद्योगिक निवेश और अधोसंरचना परियोजनाओं पर पड़ सकता है। अभी अलग-अलग विभागों से अनुमति लेने में लगने वाला समय कम होने की संभावना जताई जा रही है।

28 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र होगा दायरे में

भोपाल और इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों का आकार राज्य के सबसे बड़े नियोजित विकास क्षेत्रों में शामिल है।

भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र

  • लगभग 13 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र
  • भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़ और नर्मदापुरम के नगरीय निकाय शामिल
  • कुल 2,510 गांव इस क्षेत्र का हिस्सा

इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र

  • 16,087 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र अधिसूचित
  • इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर और रतलाम जिलों के नगरीय निकाय शामिल
  • कुल 2,781 गांव दायरे में

इन दोनों क्षेत्रों को मिलाकर हजारों गांव और अनेक नगरीय निकाय एक साझा विकास ढांचे के अंतर्गत आएंगे।

15 साल का विकास रोडमैप तैयार होगा

प्राधिकरण केवल अनुमतियां देने वाली संस्था नहीं होगा, बल्कि दीर्घकालिक क्षेत्रीय विकास की योजना भी तैयार करेगा। इसके तहत अगले 15 वर्षों की आवश्यकताओं और संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। इंदौर में मेट्रो सेवा का विस्तार किया जायेगा।

योजना में प्रमुख रूप से शामिल होंगे:

  • सड़क, परिवहन और अन्य अधोसंरचना का विस्तार
  • औद्योगिक निवेश को बढ़ावा
  • वन क्षेत्रों का पुनर्जीवन
  • मिट्टी क्षरण रोकने के उपाय
  • आवास और सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार
  • प्राकृतिक और पर्यावरणीय संरक्षण
  • पुरातात्विक एवं विरासत स्थलों का संवर्धन
  • क्षेत्रीय आर्थिक विकास की रणनीति

नगर एवं ग्राम निवेश से जुड़े कई अधिकार आयुक्त को मिलेंगे

प्रस्तावित व्यवस्था का एक अहम पहलू यह भी है कि मेट्रोपॉलिटन आयुक्त को नगर एवं ग्राम निवेश संचालक जैसी शक्तियां प्रदान की जाएंगी। इससे कई ऐसे मामलों का निपटारा स्थानीय स्तर पर हो सकेगा जिनके लिए वर्तमान में नगर तथा ग्राम निवेश संचालनालय की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

सरकार का मानना है कि इससे निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में लगने वाला समय कम किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री करेंगे नेतृत्व

प्रस्तावित ढांचे के अनुसार मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे। नगरीय विकास एवं आवास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा राजस्व मंत्री उपाध्यक्ष मंडल का हिस्सा रहेंगे। मुख्य सचिव समेत कई विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सदस्य होंगे।

इसके अलावा संबंधित क्षेत्रों के विधायक, महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्षों को भी प्राधिकरण में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। प्राधिकरण आयुक्त संयोजक की भूमिका निभाएंगे, जबकि नियमित कार्यों और क्रियान्वयन की निगरानी के लिए एक कार्यकारी समिति गठित की जाएगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

इस पूरी पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पहली बार विकास योजना, निवेश, भूमि उपयोग, शहरी विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं को एक साझा क्षेत्रीय दृष्टिकोण से देखने की कोशिश की जा रही है। तेजी से फैलते शहरों और उनके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बीच समन्वित विकास की चुनौती लंबे समय से बनी हुई थी। मेट्रोपॉलिटन प्राधिकरण मॉडल उसी अंतर को कम करने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है।

Share.
Exit mobile version