Saturday, 20 June

भोपाल। राजधानी में घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की आपूर्ति अब सामान्य हो चुकी है और उपभोक्ताओं को रिफिल के लिए पहले जैसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। हालांकि नए गैस कनेक्शन लेने वालों की मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं। शहर की गैस एजेंसियों में नए कनेक्शन के आवेदन लंबित पड़े हैं और प्रक्रिया में देरी के कारण उपभोक्ताओं को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार भोपाल जिले में करीब साढ़े पांच लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं, जिनकी आपूर्ति के लिए लगभग 40 गैस एजेंसियां संचालित हैं। इनमें इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस की एजेंसियां शामिल हैं। मार्च और अप्रैल के दौरान सिलेंडर आपूर्ति प्रभावित होने से बुकिंग के बाद डिलीवरी में कई सप्ताह लग रहे थे, लेकिन अब घरेलू सिलेंडरों की उपलब्धता सामान्य बताई जा रही है।

नए LPG कनेक्शन फिलहाल बंद

उपभोक्ताओं का कहना है कि नए कनेक्शन के लिए गैस एजेंसियों के कई चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें यही जानकारी दी जा रही है कि फिलहाल नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन जारी नहीं किए जा रहे हैं। नए मकानों में शिफ्ट हुए परिवारों, किराएदारों और पहली बार कनेक्शन लेने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कई उपभोक्ताओं का कहना है कि आवेदन जमा करने के बाद भी उन्हें स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई जा रही है, जिससे अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।

ईरान संकट और सरकारी नीति का असर

इस वर्ष पश्चिम एशिया में पैदा हुए तनाव और ईरान से जुड़े ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार ने एलपीजी वितरण व्यवस्था को लेकर कई नए प्रावधान लागू किए थे। मार्च 2026 में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने संशोधित आदेश जारी कर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) उपलब्ध क्षेत्रों में एलपीजी के दोहरे उपयोग को सीमित करने के कदम उठाए। इसके तहत PNG कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को घरेलू LPG कनेक्शन रखने या नया कनेक्शन लेने की अनुमति नहीं दी गई थी।

हालांकि बाद में नियमों में कुछ राहत भी दी गई, लेकिन कई क्षेत्रों में नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया अभी भी प्रभावित बताई जा रही है।

ट्रांसफर कराने वालों को भी इंतजार

बाहर से भोपाल आने वाले उपभोक्ताओं को पुराने एलपीजी कनेक्शन का ट्रांसफर कराने में भी देरी का सामना करना पड़ रहा है। एजेंसी संचालकों के अनुसार दस्तावेजों के सत्यापन और कंपनी स्तर की मंजूरियों में समय लगने के कारण प्रक्रिया लंबी हो रही है।

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफर की सुविधा पूरी तरह बंद नहीं है और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन निपटाए जा रहे हैं।

PNG को बढ़ावा देने पर जोर

एलपीजी कनेक्शनों पर रोक के पीछे एक बड़ा कारण PNG नेटवर्क का विस्तार भी माना जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस की सुविधा उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को PNG कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। केंद्र सरकार की नई व्यवस्था के तहत PNG और घरेलू LPG दोनों कनेक्शन एक साथ रखने पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा कई मामलों में उपभोक्ताओं को LPG कनेक्शन सरेंडर करने के निर्देश दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार भोपाल में पिछले तीन महीनों के दौरान करीब चार हजार नए PNG कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। चार इमली, न्यू मार्केट और आसपास के इलाकों में भी PNG नेटवर्क विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है।

जिम्मेदार क्या कहते हैं

जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और बुकिंग के बाद निर्धारित समय में उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नए कनेक्शनों पर रोक शासन और गैस कंपनियों के स्तर पर लागू है, जबकि कनेक्शन ट्रांसफर की प्रक्रिया जारी है।

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