मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की हीरा नगरी से एक बार फिर बेशकीमती हीरे की चमक सामने आई है। जिले के जरुआपुर गांव स्थित एक उथली हीरा खदान से 6.54 कैरेट का उज्ज्वल किस्म का हीरा मिला है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस हीरे की कीमत 12 लाख रुपये से अधिक हो सकती है। हीरे की इस खोज ने क्षेत्र में उत्सुकता और चर्चा का माहौल बना दिया है।
महिला पट्टाधारक की मेहनत लाई रंग
जानकारी के अनुसार यह हीरा मीरा सिंह नामक महिला खदान पट्टाधारक को मिला है। उन्होंने मार्च माह में खदान का पट्टा लिया था और तब से लगातार खनन कार्य कर रही थीं। कई महीनों की मेहनत के बाद उनकी खदान से यह बहुमूल्य हीरा निकला, जिससे परिवार में खुशी का माहौल है।
पन्ना में छोटे-छोटे पट्टों पर खनन करने वाले लोगों के लिए हीरा मिलना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं माना जाता। जिले में पहले भी कई खदान पट्टाधारकों की किस्मत हीरे मिलने से बदली है।
हीरा कार्यालय में जमा, नीलामी में होगी बिक्री
सूत्रों के मुताबिक, हीरे को पन्ना स्थित हीरा कार्यालय में जमा करा दिया गया है। नियमानुसार अब इसे आगामी हीरा नीलामी में रखा जाएगा। नीलामी से प्राप्त राशि में से शासन द्वारा निर्धारित रॉयल्टी और अन्य देय राशि काटने के बाद शेष रकम हीरा धारक को दी जाएगी। पन्ना में मिलने वाले सभी हीरों की बिक्री सरकारी प्रक्रिया के तहत नीलामी के माध्यम से की जाती है।
पन्ना की पहचान है हीरों की खदानें
पन्ना जिला देश में प्राकृतिक हीरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग छोटे भूखंड पट्टे पर लेकर हीरे की तलाश में खनन करते हैं। हालांकि अधिकांश लोगों को सफलता नहीं मिलती, लेकिन समय-समय पर मिलने वाले कीमती हीरे कई परिवारों की आर्थिक स्थिति बदल देते हैं। पन्ना की खदानों से पहले भी कई कैरेट के मूल्यवान हीरे मिलने के मामले सामने आ चुके हैं।
परिवार की उम्मीदों को मिली नई उड़ान
6.54 कैरेट के इस हीरे की खोज ने मीरा सिंह और उनके परिवार की उम्मीदों को नई दिशा दी है। अब परिवार की निगाहें आगामी नीलामी पर टिकी हैं, जहां हीरे की वास्तविक कीमत तय होगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह खोज एक बार फिर साबित करती है कि पन्ना की धरती आज भी अनमोल हीरों का खजाना समेटे हुए है।