Monday, 27 April

शाजापुर
मध्य प्रदेश में राज्य सरकार मुगल सल्तनत के दौर के गांवों के नाम भी बदलती जा रही है। उज्जैन में ऐसे तीन गांवों के नाम बदलने के बाद अब मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने शाजापुर जिले की कालापीपल तहसील क्षेत्र के 11 नामों को बदलने की घोषणा की है।

इन 11 गावों के नाम बदले
मुख्यमंत्री ने कालापीपल में आयोजित एक कार्यक्रम में मोहम्मदपुर मछनाई गांव को मोहनपुर, ढाबला हुसैनपुर को ढाबला राम, मोहम्मदपुर पंवाड़िया को रामपुर पंवाड़िया, खजुरी अलाहबाद को खजूरीराम, हाजीपुर को हीरापुर के नाम से जाना जाएगा। निपानिया हिसामुद्दीन को निपानिया देव, रिछड़ी मुरादाबाद को रिछड़ी, खलीलपुर को रामपुर, उंचोद को उंचावद, घट्टी मुख्तयारपुर को घट्टी और शेखपुर बोंगी गांव को अवधपुरी का नाम दिए जाने की घोषणा कर दी।

उज्जैन के भी तीन गांव के नाम बदले थे
बता दें कि इससे पूर्व पांच जनवरी को मुख्यमंत्री डा. यादव ने अपने गृह जिले उज्जैन के भी तीन गांव के नाम बदलने की घोषणा की थी। यहां उन्होंने गजनीखेड़ी गांव को चामुंडा महानगरी, मौलाना गांव को विक्रम नगर और जहांगीरपुर गांव को जगदीशपुर नाम दिया था।

कालापीपल को अनुभाग घोषित करने की घोषणा
सूत्रों का कहना है कि प्रदेश सरकार मध्य प्रदेश के और भी कई जिलों के ऐसे गांव के नाम बदलेगी, जो मुगल सल्तनत के हैं या मुगल सल्तनत की याद दिलाते हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कालापीपल को तहसील से अनुभाग घोषित करने की भी घोषणा की। उन्होंने कालापीपल के नाम को लेकर भी सवाल उठाया। बोले कि मैंने आज तक काला पीपल नही देखा। आप विचार कर बताना कौन-सा पीपल रखना है। उन्होंने मंदिर, सड़कों के विस्तार के साथ ही पोलायकलां को मुख्य मंडी का दर्जा देने की घोषणा की।


Source : Agency

Share.
Exit mobile version