Author: Shailja Dubey

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल लोगों को सही दिशा देने में कर सकें।" इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। अभी मैं दैनिक अपडेट, मनोरंजन, सामान्य ज्ञान और जीवनशैली समेत अन्य विषयों पर काम कर रही हूं।

ल्यूकेमिया (Leucamia) या ब्लड-कैंसर रक्त-गड़बड़ी होने के कारण होने वाला एक घातक रोग है. यह स्त्री-पुरुषों दोनों में किसी भी उम्र में हो सकता है. ब्लड कैंसर क्यों होता है, इसका कारण अभी तक ज्ञात नहीं हो सका है. क्या आप जानते हैं कि इस घातक बीमारी में क्या होता है? रक्त हमारे शरीर के हर भाग में प्रवाहित होकर जीवन का संचार करता रहता है. रक्त के अवयवों का अपना-अपना विशेष कार्य है. रक्त में सबसे अधिक संख्या लाल रक्त कोशिकाओं की होती है. उसके बाद श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या होती है. लाल रक्त-कोशिकाएं सारे शरीर में स्थित…

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टाइफाइड (Typhoid) एक भयानक संक्रामक रोग है, जो एक प्रकार के जीवाणु (Bacteria) से फैलता है. आयुर्विज्ञान की भाषा में इसे बैसिलस सेलमोनेला टायफोसा कहते हैं. यह गंदे भोजन या गंदे पानी के साथ शरीर में प्रवेश कर के खून तक पहुंच जाता है, यह खून को प्रभावित करके पूरी रक्त व्यवस्था को दूषित कर देता है. टाइफाइड का कारण टाइफाइड दूषित पानी, दूध या भोजन से होता है. टाइफाइड के जीवाणु पकने से पहले भोजन सामग्री में भी वाहक द्वारा पहुंच सकते हैं. मक्खियां भी इन जीवाणुओं को इधर से उधर पहुंचाती हैं. टाइफाइड की बीमारी के ठीक हो…

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दूध (Milk) एक पौष्टिक पदार्थ है, जिसे माताएं अपने बच्चों को पिलाती हैं. इसमें शारीरिक विकास के लिए आवश्यक सभी तत्व होते हैं. जन्म से कुछ महीनों तक स्तनपायी पशुओं का बच्चा दूध पर ही पलता है. वास्तव में किसी भी जाति के स्तनपायी के शिशु के लिए दूध एक तरह से पूर्ण आहार होता है. यही स्थिति मानव-शिशु के विषय में भी सच है, क्योंकि यह हजम भी बहुत आसानी से होता है, इसलिए बच्चों के लिए इससे अधिक आदर्श भोजन कोई नहीं होता. दूध स्तनपायी की मादा के शरीर में एक विशेष ग्रंथि (Gland) में बनता है, जिसे…

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भेंगापन (Squint) एक बीमारी है, जिसमें दोनों आंखें एक ही दिशा में नहीं देख पातीं. इस बीमारी को स्ट्राबिस्मस (Strabismus) या हेटेरोट्रापिया (Heterotropia) भी कहते हैं. भेंगापन तीन प्रकार का होता है. एक में दोनों आंखें एक दूसरे की तरफ देखती हैं, दूसरे में नीचे की तरफ और तीसरे में ऊपर की तरफ, आंखों का किसी भी दिशा में देखने पर यदि भेंगापन स्थायी रहता है, तो उसे ‘कमिटेंट’ भेंगापन कहते हैं. दूसरी तरह के भेंगापन को ‘नानकमिटेंट’ कहते हैं, जिसमें भंग नजर की दिशा के साथ-साथ कम-ज्यादा होता है. भेंगापन स्नायु-नियंत्रण में कुछ गड़बड़ी होने से होता है. वास्तव…

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हम जानते हैं कि किन्ही भी दो व्यक्तियों के उंगलियों के निशान एक से नहीं हो सकते, ठीक उसी प्रकार दो व्यक्तियों की आवाज भी एक जैसी नहीं होती. क्या आपको पता है ऐसा क्यों होता है ? बोलने की क्रिया में सैकड़ों पेशियां सेकेंड से भी कम समय में एक सामंजस्य के साथ सक्रिय होती हैं. बोलने यंत्र जिसे लेरिंक्स या ध्वनि-बॉक्स कहते हैं, असंख्य आवाजें पैदा कर सकता है. यह गले का वह भाग है, जिसमें से हवा गुजरती है. जब हम सांस लेते हैं, तो पहले हवा मुंह और नाक में से लेरिंक्स में नीचे की ओर…

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जब से चिकित्सा विज्ञान में शल्य चिकित्सा का आरंभ हुआ है, कई तरह की जड़ी-बूटियां, गैस, तेल और दवाइयां दर्द से छुटकारा पाने के लिए प्रयोग होती रही हैं. लेकिन इनमें से कोई भी औषधि पूरी तरह सफल नहीं हुई. इसलिए आपरेशन किसी भी मरीज के लिए बेहद दर्दनाक सिद्ध होता रहा है. कभी-कभी तो इसमें होने वाले दर्द और सदमें से मरीज की मौत तक हो गई है. पर जब से बेहोश करने की औषधियों का आधुनिक विज्ञान ने आविष्कार किया है, इस क्षेत्र में अपूर्व सफलता प्राप्त हुई है. सबसे पहले आपरेशन में बेहोश करने वाली दवा का…

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आयरन लंग मशीन (iron lung machine) जीवन-सुरक्षा की एक आधुनिक मशीन है. इस मशीन का आविष्कार सन् 1929 में हारवर्ड (अमेरिका) के फिलिप ड्रिंकर (Philip Drinker) नामक व्यक्ति ने किया था. यह मशीन उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है, जिन्हें छाती के पैरालिसिस या अन्य किसी बीमारी की वजह से, या फिर किसी दुर्घटना के कारण सांस लेने में तकलीफ होती है. इस मशीन में एक वायुरुद्ध-कक्ष होता है, जिसमें रोगी को रखा जाता है. यह मशीन रोगी के आस- विद्यमान वायु के दबाव को बारी-बारी से घटा-बढ़ा कर रोगी को सांस लेने में सहायता पहुंचाती है. जब छाती…

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ई.सी.जी. (Electrocardiography- ECG) या विद्युत हृदयलेखन हृदय के धड़कने के कारण पैदा हुए विद्युत-कंपनों का ग्राफ बनाने की एक विधि है. इस ग्राफ को विद्युतहृदयलेख (Electrocardiography) कहते हैं. हृदय की सभी क्रियाएं विद्युत- कंपनों द्वारा ही संचालित होती हैं. हृदय का प्रत्येक भाग जिसमें से रक्त बहता है, अपना स्वतंत्र विद्युत लहरों का पैटर्न बनाता है. इन्हीं कंपनों के अलग- अलग आरेख को मशीन द्वारा रिकार्ड करके इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (Electrocardiogram) बना लिया जाता है. यह ग्राफ हृदय की हालत और गतिविधियों के विषय में अत्यंत उपयोगी सूचनाएं देता है. यह हृदय की बीमारियों का इलाज करने में बहुत काम आता है.…

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कोढ़ (Leprosy) एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है जो अधिकतर उमस भरे, उष्णकटिबंधीय और उपोष्ण मौसम वाले प्रदेशों में होती है. अधिकतर एशिया, दक्षिणी अमेरिका, जापान, कोरिया और प्रशांत महासागर के द्वीपों में मिलते हैं. यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है. यद्यपि यह छूत की बीमारी है, फिर भी यह इतनी आसानी से नहीं फैलती जैसा कि हम पहले सोचते थे. कोढ़ माइकोबैक्टीरियम लेपरी बैसिल्स (Myco- bacterium leprae bacillus) नाम के जीवाणुओं के कारण होता है. ये आदमी की खाल और स्नायु-तंत्र को प्रभावित करते हैं और शरीर पर जगह-जगह सफेद चकत्ते पड़ जाते हैं और गांठें उभर आती हैं. ये…

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भारत में लोक-सभा तथा राज्य सभा संसद या केंद्रीय विधान-परिषद के दो सदन हैं. राष्ट्रपति का पद संसदीय लोकतंत्र का एक हिस्सा होते हुए भी कुछ अर्थों में संसद से ऊपर है. उदाहरण के लिए दोनों सभाओं से पास बिल पर राष्ट्रपति की सहमति लेना जरूरी है. उनकी सहमति के बाद ही यह बिल कानून का रूप धारण करता है. संसद के साल में कम से कम दो अधिवेशन जरूरी हैं. दोनों अधिवेशनों के होने के बीच का अंतराल छः महीने से अधिक नहीं होना चाहिए, संसद के निम्न सदन (The Lower House or House of the People) को लोक-सभा…

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