भारत इस समय मौसम के सबसे खतरनाक दौरों में से एक का सामना कर रहा है। एक तरफ देश के कई हिस्सों में तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, वहीं दूसरी ओर अचानक आंधी, ओलावृष्टि और बारिश का खतरा बढ़ गया है। इसी बीच India Meteorological Department (IMD) की नई चेतावनी ने चिंता और बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार इस साल मॉनसून सामान्य से कमजोर रह सकता है, जिसका असर खेती से लेकर महंगाई और बिजली संकट तक दिखाई दे सकता है।
अंतरराष्ट्रीय मौसम एजेंसियां और क्लाइमेट एक्सपर्ट्स इसे “South Asia Heat Crisis” की शुरुआत मान रहे हैं। देशभर में लगातार बढ़ती गर्मी, बिजली की रिकॉर्ड मांग और पानी की कमी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई राज्यों में रात का तापमान भी सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल रही।
47°C तक पहुंचा तापमान, कई शहर बने ‘Heat Zone’
राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, विदर्भ और दिल्ली-NCR समेत कई इलाकों में भीषण Heatwave जारी है। कुछ शहरों में तापमान 47°C के करीब रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार गर्म हवाएं और सूखी जलवायु उत्तर भारत को “Extreme Heat Belt” में बदल रही हैं।
सोशल मीडिया पर लोग सड़कें पिघलने, बिजली कटौती और पानी संकट के वीडियो शेयर कर रहे हैं। कई जगहों पर अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ने की खबरें भी सामने आई हैं।
अचानक बदला मौसम, IMD ने जारी किया Orange Alert
भीषण गर्मी के बीच अब मौसम तेजी से करवट ले रहा है। IMD ने दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में Thunderstorm और Rain Alert जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार तेज हवाएं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण कुछ इलाकों में अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन इससे मौसम और ज्यादा अस्थिर भी हो सकता है।
कमजोर मॉनसून ने बढ़ाई सबसे बड़ी चिंता
सबसे बड़ी चिंता इस साल के मॉनसून को लेकर है। IMD के शुरुआती अनुमान के अनुसार 2026 में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने El Niño प्रभाव को इसका बड़ा कारण बताया है।
अगर मॉनसून कमजोर रहता है तो:
- खेती प्रभावित हो सकती है
- दाल और चावल महंगे हो सकते हैं
- बिजली संकट गहरा सकता है
- पानी की कमी बढ़ सकती है
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जून और जुलाई में पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो इसका सीधा असर खाद्य महंगाई और आम लोगों के बजट पर दिखाई देगा।

