नई दिल्ली/बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद अब कांग्रेस आलाकमान कर्नाटक में कमान बदलने की तैयारी में है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की लगभग 7 घंटे लंबी मैराथन बैठक चली है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद को लेकर बड़ा फैसला लिया जा चुका है और सिद्धारमैया जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
सिद्धारमैया के इस्तीफे की अटकलें तेज (Siddaramaiah Resign Rumors)
कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आलाकमान ने सिद्धारमैया को 2029 के आम चुनाव के लिए एक बड़ी राष्ट्रीय भूमिका का ऑफर दिया है। पार्टी उन्हें देश भर में एक बड़े ओबीसी (OBC) चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट करना चाहती है। दिल्ली में हुई इस हाई-प्रोफाइल बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल भी मौजूद थे। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी इस्तीफे का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन बेंगलुरु से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल चरम पर है।
कौन बनेगा कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री? (Karnataka New CM Race)
सिद्धारमैया के संभावित इस्तीफे की खबरों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इस रेस में दो नाम सबसे आगे चल रहे हैं:
- डीके शिवकुमार (DK Shivakumar): कर्नाटक कांग्रेस के ‘संकटमोचक’ और वर्तमान डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है। सरकार बनने के समय हुए ‘पावर शेयरिंग फॉर्मूले’ के तहत शिवकुमार अब मुख्यमंत्री की कुर्सी पर दावा ठोक रहे हैं।
- जी परमेश्वर (G Parameshwara): राज्य के गृह मंत्री और दलित नेता जी परमेश्वर का नाम भी रेस में है। अगर पार्टी किसी विवाद से बचना चाहती है, तो वे एक न्यूट्रल और मजबूत चेहरा साबित हो सकते हैं।
क्यों पड़ी कमान बदलने की जरूरत?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव में कर्नाटक के भीतर कांग्रेस का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। इसके अलावा, राज्य इकाई के भीतर डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया गुट के बीच अंदरूनी खींचतान को खत्म करने के लिए आलाकमान ने यह सख्त कदम उठाने का मन बनाया है।
बेंगलुरु में बुलाई गई विधायकों की आपात बैठक: सूत्रों के हवाले से खबर है कि बेंगलुरु में कांग्रेस विधायक दल (CLP) की एक इमरजेंसी बैठक बुलाई जा सकती है, जिसमें नए नेता के नाम पर मुहर लगेगी

