मध्य प्रदेश में मानसून का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। मानसूनी द्रोणिका (Monsoon Trough) के उत्तर की ओर खिसकने से प्रदेश में हवाओं की दिशा बदल गई है। इसका असर साफ तौर पर मौसम पर दिखाई दे रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां लगभग थम गई हैं, जबकि पूर्वी जिलों में अभी भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का दौर जारी है। इस बदलाव के कारण दिन और रात के तापमान में भी करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पूर्वी जिलों में बारिश, पश्चिमी इलाकों में बढ़ी गर्मी
सोमवार को प्रदेश के कई पूर्वी और उत्तर-पूर्वी जिलों में मौसम सक्रिय रहा। श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, विदिशा, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, दमोह और रायसेन में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें दर्ज की गईं।
दूसरी ओर राजधानी भोपाल में दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही के बीच उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। इंदौर और जबलपुर में भी अधिकतम तापमान में लगभग 2.4 से 2.9 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे गर्मी का असर पहले की तुलना में अधिक महसूस हुआ।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसूनी द्रोणिका के उत्तर की ओर खिसकने से प्रदेश में नमी वाली हवाओं का प्रवाह कमजोर हुआ है। इसी वजह से पश्चिमी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम हो गई हैं, जबकि पूर्वी क्षेत्रों में स्थानीय प्रभाव के कारण हल्की बारिश और गरज-चमक का सिलसिला बना हुआ है।
फिलहाल कोई मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, वर्तमान समय में मध्य प्रदेश को प्रभावित करने वाला कोई मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय नहीं है। मानसून ट्रफ फिलहाल श्रीगंगानगर, हिसार, मुरादाबाद, गोरखपुर और बालुरघाट होते हुए मणिपुर की ओर गुजर रही है।
इसके अलावा मध्य पाकिस्तान के ऊपर लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। वहीं दक्षिणी बांग्लादेश और उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है, लेकिन इन प्रणालियों का मध्य प्रदेश पर फिलहाल सीमित प्रभाव पड़ रहा है।
अगले 4 से 5 दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी व्यापक या भारी वर्षा की संभावना नहीं है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम अधिकांश समय शुष्क रहने के आसार हैं, जबकि पूर्वी जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें बीच-बीच में जारी रह सकती हैं।
तापमान में भी फिलहाल बड़ी गिरावट के संकेत नहीं हैं। जिन इलाकों में बारिश नहीं होगी, वहां उमस और गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।






