LPG distributor: देशभर के एलपीजी वितरकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर केंद्र सरकार को चेतावनी दी है। भोपाल में आयोजित एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आई) के राष्ट्रीय अधिवेशन में विभिन्न राज्यों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने फैसला लिया कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया, तो अक्टूबर 2026 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। यह फैसला ऐसे समय आया है जब त्योहारी सीजन से पहले घरेलू गैस टंकी कीआपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ सकती है।
600 से अधिक प्रतिनिधियों की बैठक में बनी रणनीति
भोपाल के समन्वय भवन में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 600 प्रतिनिधियों ने एलपीजी वितरण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई और सरकार को मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया गया। एसोसिएशन का कहना है कि लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान नहीं होने से वितरकों पर आर्थिक और संचालन संबंधी दबाव लगातार बढ़ रहा है।
वितरकों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
एसोसिएशन ने मांग की है कि डेनोवो स्टडी की सिफारिशों के आधार पर होम डिलीवरी और प्रशासनिक खर्च को ध्यान में रखते हुए वितरक कमीशन में 75 रुपये की वृद्धि की जाए। संगठन का आरोप है कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां बढ़ती लागत के बावजूद पर्याप्त कमीशन नहीं दे रही हैं।
इसके अलावा वितरकों ने आरोप लगाया कि उन्हें सुरक्षा होज, लाइटर और गैस चूल्हों जैसे उत्पाद बेचने के लिए दबाव बनाया जाता है। उनका यह भी कहना है कि बिना मांग के 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर और 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर आवंटित किए जाते हैं, जिसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।
पीएनजी नीति और ई-केवाईसी पर भी जताई आपत्ति
राष्ट्रीय अधिवेशन में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) से जुड़ी नीतियों पर भी सवाल उठाए गए। वितरकों ने पीएनजी को अनिवार्य बनाने संबंधी प्रावधानों को वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि उनसे ई-केवाईसी जैसे अतिरिक्त कार्य बिना किसी पारिश्रमिक के कराए जा रहे हैं, जबकि इसके लिए अलग से भुगतान की व्यवस्था होनी चाहिए।
संगठन ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रिफिलिंग के लिए अलग-अलग समयसीमा (25 और 45 दिन) लागू किए जाने पर भी आपत्ति जताई और इसे समाप्त करने की मांग की।
उपभोक्ताओं पर क्या पड़ सकता है असर?
यदि सरकार और एसोसिएशन के बीच अक्टूबर से पहले कोई सहमति नहीं बनती और हड़ताल शुरू होती है, तो त्योहारी सीजन के दौरान घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इससे नए गैस कनेक्शन, होम डिलीवरी और नियमित रिफिलिंग सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है।
हालांकि, अभी तक यह केवल प्रस्तावित आंदोलन है। सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की ओर से इस चेतावनी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल देशभर में एलपीजी आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और हड़ताल को लेकर अंतिम स्थिति आगामी वार्ता पर निर्भर करेगी।






