Gold Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है। COMEX पर गोल्ड 4,100 डॉलर प्रति औंस के नीचे कारोबार करता रहा, जबकि घरेलू वायदा बाजार MCX में भी कमजोरी बनी रही। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर की मजबूती और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बढ़ी अनिश्चितता ने सोने की चाल को प्रभावित किया है।
आज भारत में सोने का ताजा भाव
आज 24 कैरेट सोने की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
24 कैरेट गोल्ड रेट
- 100 ग्राम: ₹14,29,100 (₹14,200 की गिरावट)
- 10 ग्राम: ₹1,42,910 (₹1,420 की गिरावट)
- 1 ग्राम: ₹14,291 (₹136 की गिरावट)
22 कैरेट गोल्ड रेट
- 100 ग्राम: ₹13,10,000 (₹13,000 की गिरावट)
- 10 ग्राम: ₹1,31,000 (₹1,300 की गिरावट)
- 8 ग्राम: ₹1,04,800 (₹1,040 की गिरावट)
- 1 ग्राम: ₹13,100 (₹130 की गिरावट)
18 कैरेट गोल्ड रेट
- 100 ग्राम: ₹10,71,800 (₹10,700 की गिरावट)
- 10 ग्राम: ₹1,07,180 (₹1,070 की गिरावट)
- 8 ग्राम: ₹85,744 (₹856 की गिरावट)
- 1 ग्राम: ₹10,718 (₹107 की गिरावट)
शहरों के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव
देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखा गया।
- चेन्नई: ₹14,400 प्रति ग्राम
- दिल्ली: ₹14,306 प्रति ग्राम
- मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे, कोलकाता और केरल: ₹14,291 प्रति ग्राम
- अहमदाबाद और वडोदरा: ₹14,296 प्रति ग्राम
अमेरिका-ईरान तनाव का सोने पर क्या असर पड़ रहा है?
कमोडिटी बाजार के जानकारों का कहना है कि हालिया भू-राजनीतिक घटनाक्रम ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद निवेशकों की नजर ऊर्जा आपूर्ति, महंगाई और अमेरिकी मौद्रिक नीति पर टिक गई है।
विश्लेषकों के अनुसार, यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में अमेरिकी फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है या अतिरिक्त बढ़ोतरी पर विचार कर सकता है। ऊंची ब्याज दरें और मजबूत अमेरिकी डॉलर आमतौर पर सोने की कीमतों पर दबाव डालते हैं।
निवेशकों की नजर किन संकेतों पर?
बाजार की अगली दिशा तय करने में इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी महंगाई के आंकड़े अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसके साथ ही फेडरल रिजर्व के नेतृत्व की ओर से दिए जाने वाले संकेतों पर भी वैश्विक निवेशकों की नजर रहेगी। यदि ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख बरकरार रहता है, तो सोने में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
क्या निवेशकों को अभी सोना खरीदना चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतें फिलहाल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से प्रभावित रहेंगी। जो निवेशक लंबी अवधि के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी (SIP या स्टैगर्ड बाइंग) पर विचार करना चाहिए। वहीं, अल्पकालिक निवेशकों को वैश्विक घटनाओं और डॉलर इंडेक्स की चाल पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
नोट: अलग-अलग शहरों में टैक्स, मेकिंग चार्ज और स्थानीय शुल्क के कारण ज्वेलरी की अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।