मध्य प्रदेश का पन्ना जिला एक बार फिर अपनी हीरा खदानों के कारण चर्चा में है। जिले के एक आदिवासी किसान परिवार ने दो साल के भीतर दूसरी बार कीमती हीरा खोजकर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। परिवार को इस बार 11.19 कैरेट का जेम-क्वालिटी हीरा मिला है, जिसकी शुरुआती कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी गई है। यह हीरा अब सरकारी नीलामी में बेचा जाएगा।
2024 में भी मिला था लाखों का हीरा
यह परिवार इससे पहले वर्ष 2024 में 19.22 कैरेट का हीरा खोज चुका है। उस हीरे की सरकारी नीलामी में करीब 93 लाख रुपये मिले थे। उस राशि से परिवार ने खेती के लिए जमीन खरीदी, घर बनवाया और पुराने कर्ज चुकाए। इसके बावजूद परिवार ने हीरा खनन का काम जारी रखा और अब एक बार फिर उन्हें बड़ी सफलता मिली है।
अप्रैल में ली थी खदान की लीज
जानकारी के अनुसार, राकेश आदिवासी, उनके भाइयों और रिश्तेदारों ने अप्रैल 2026 में पन्ना के अहिरगांव क्षेत्र में निजी भूमि पर स्थित एक खदान की लीज ली थी। पिछले करीब दो महीने से पूरा परिवार लगातार खुदाई कर रहा था। मेहनत रंग लाई और खुदाई के दौरान 11.19 कैरेट का उच्च गुणवत्ता वाला हीरा मिला।
सरकारी हीरा कार्यालय में कराया जमा
हीरा मिलने के तुरंत बाद परिवार ने उसे पन्ना के सरकारी हीरा कार्यालय में जमा कराया। जांच के बाद अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह 11.19 कैरेट का जेम-क्वालिटी हीरा है। नियमानुसार इसे आगामी सरकारी नीलामी में रखा जाएगा। बिक्री के बाद निर्धारित रॉयल्टी और अन्य देय राशि काटकर शेष रकम परिवार के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
परिवार ने बताया आगे का प्लान
परिवार का कहना है कि नीलामी से मिलने वाली राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा, खेती और आगे हीरा खनन के लिए नई लीज लेने में किया जाएगा। उनका मानना है कि लगातार प्रयास और धैर्य के कारण उन्हें दूसरी बार यह सफलता मिली है।
हीरों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है पन्ना
पन्ना जिला देश के प्रमुख हीरा उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। यहां हर साल कई लोग लीज लेकर खनन करते हैं। अधिकांश लोगों को महीनों की मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिलती, लेकिन कभी-कभी किसी एक खोज से किसी परिवार की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है। आदिवासी किसान परिवार की यह दूसरी बड़ी सफलता इसी का ताजा उदाहरण है।
