Sunday, 5 July

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ के कड़े रुख के बाद राज्य सरकार ने टीकमगढ़ जिले में पदस्थ दो राजस्व अधिकारियों के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जतारा के प्रभारी एसडीएम (राजस्व) संजय दुबे और लिधौरा के नायब तहसीलदार शिब्बू सिंह कसोरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद अदालत ने संबंधित अवमानना याचिका का निस्तारण कर दिया।

यह मामला राकेश एवं अन्य बनाम संजय जैन एवं अन्य शीर्षक से दायर अवमानना याचिका से जुड़ा था। सुनवाई न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ में हुई, जहां राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव सहित संबंधित एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ा।

कोर्ट में प्रमुख सचिव ने मांगी बिना शर्त माफी

सुनवाई के दौरान राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ने अदालत के आदेशों के पालन में हुई देरी पर बिना शर्त क्षमा याचना की। सरकार की ओर से पेश अनुपालन रिपोर्ट में बताया गया कि अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा 30 जून 2026 को जारी किया गया त्रुटिपूर्ण आदेश रद्द कर दिया गया है। इसके बाद 1 जुलाई 2026 को राजस्व मंडल के निर्देशों के अनुरूप नया आदेश जारी कर याचिकाकर्ताओं के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर दिए गए।

लापरवाही पर निलंबन, कलेक्टर को जांच के निर्देश

सरकार ने अदालत को बताया कि न्यायिक आदेशों के पालन में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर दोनों अधिकारियों को 2 जुलाई 2026 से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही टीकमगढ़ कलेक्टर को वरिष्ठ अधिकारियों की टीम बनाकर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

हाईकोर्ट की टिप्पणी: आदेशों का समय पर पालन जरूरी

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि अधीनस्थ स्तर पर हुई लापरवाही के कारण विभाग के प्रमुख सचिव तक को न्यायालय में उपस्थित होना पड़ा। कोर्ट ने प्रमुख सचिव को निर्देश दिया कि भविष्य में राजस्व विभाग के सभी अधिकारी न्यायालय के आदेशों का समयबद्ध, अक्षरशः और उसके वास्तविक उद्देश्य के अनुरूप पालन सुनिश्चित करें, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

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