Wednesday, 24 June

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बिजली उपभोक्ताओं को अचानक आने वाले भारी-भरकम बिजली बिलों से राहत मिलने की तैयारी है। नए बिजली बिलिंग प्रावधानों के तहत यदि किसी उपभोक्ता का बिल पिछले छह महीने के औसत से पांच गुना या उससे अधिक बनता है तो बिलिंग सॉफ्टवेयर उसे स्वतः रोक देगा। ऐसे मामलों में बिल पर सिस्टम फ्लैग (रेड अलर्ट) लगाया जाएगा और जांच पूरी होने के बाद ही बिल जारी किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य रीडिंग की गड़बड़ी, तकनीकी खराबी या बिलिंग त्रुटियों के कारण उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को रोकना है।

5 गुना ज्यादा बिल आते ही सिस्टम करेगा अलर्ट

नई व्यवस्था के तहत बिजली कंपनियों का बिलिंग सॉफ्टवेयर प्रत्येक उपभोक्ता के पिछले छह महीने के बिजली बिल का औसत रिकॉर्ड देखेगा। यदि नया बिल सामान्य औसत से पांच गुना अधिक पाया जाता है तो वह सीधे जारी नहीं होगा। सॉफ्टवेयर उसे संदिग्ध मानते हुए ‘सिस्टम फ्लैग’ जारी करेगा, जिससे संबंधित अधिकारी पहले उसकी जांच करेंगे।

इस दौरान मीटर रीडिंग, स्मार्ट मीटर के डेटा और मौके पर निरीक्षण के आधार पर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बिल वास्तव में सही है या किसी तकनीकी या मानवीय त्रुटि के कारण असामान्य राशि दिखाई दे रही है।

30 दिन के भीतर करना होगा निराकरण

सिस्टम फ्लैग लगने के बाद संबंधित बिजली कंपनी के अधिकारियों पर 30 दिनों के भीतर मामले का निराकरण करने की जिम्मेदारी होगी। आवश्यकता पड़ने पर मीटर की दोबारा जांच, स्थल निरीक्षण और बिल का सत्यापन किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को पहले की तरह केवल शिकायत दर्ज कराने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और विवादित बिलों का समाधान व्यवस्थित प्रक्रिया के तहत होगा।

भोपाल में हर महीने हजारों उपभोक्ता करते हैं शिकायत

भोपाल जिले में अब तक करीब 4 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि लगभग 2 लाख मीटर लगाए जाना बाकी हैं। नियमित बिलिंग के बावजूद हर महीने बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिल को लेकर शिकायत दर्ज कराते हैं।

बिजली कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, हर माह लगभग 6 लाख बिजली बिल जारी किए जाते हैं और करीब 80 हजार उपभोक्ता किसी न किसी कारण से बिल को लेकर असंतोष जताते हैं।

मई महीने में बड़ी संख्या में उपभोक्ता 5 से 25 यूनिट अतिरिक्त बिजली खपत के कारण निर्धारित सब्सिडी सीमा से बाहर हो गए थे। इसके बाद कई उपभोक्ताओं के बिल सामान्य से 10 से 12 गुना तक अधिक आ गए, जिसके चलते शिकायतों में तेजी आई और बिजली कंपनियों को मीटर जांच के साथ उपभोक्ताओं को बिल की गणना भी समझानी पड़ी।

स्मार्ट मीटर से अब लोड की भी होगी निगरानी

बिलिंग व्यवस्था में बदलाव के साथ बिजली कंपनी अब स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ताओं के स्वीकृत बिजली लोड और वास्तविक उपयोग पर भी नजर रखेगी।

हर बिजली कनेक्शन के साथ एक निर्धारित लोड स्वीकृत होता है। इसी आधार पर संबंधित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की योजना बनाई जाती है। यदि कोई उपभोक्ता स्वीकृत सीमा से अधिक बिजली भार का उपयोग करता है तो नियमानुसार अतिरिक्त लोड की अनुमति लेना और निर्धारित शुल्क जमा करना आवश्यक होता है।

स्मार्ट मीटर से अब कंपनी के पास प्रत्येक उपभोक्ता के वास्तविक बिजली उपयोग का डेटा उपलब्ध है। ऐसे मामलों में कंपनी अतिरिक्त लोड मिलने पर उपभोक्ता को लोड बढ़ाने की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दे सकती है। नियमों के अनुरूप आवश्यक होने पर अतिरिक्त भार पर पेनाल्टी भी लगाई जा सकती है।

क्या है इस नई व्यवस्था का उद्देश्य

बिजली उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी शिकायत अचानक आने वाले असामान्य बिजली बिल रहे हैं। कई मामलों में मीटर रीडिंग की त्रुटि, तकनीकी समस्या या डेटा प्रोसेसिंग में गड़बड़ी के कारण हजारों रुपये के बिल जारी हो जाते थे। नई व्यवस्था का मकसद ऐसे मामलों को बिल जारी होने से पहले ही रोकना है, ताकि गलत बिल उपभोक्ता तक पहुंचे ही नहीं और विवाद कम हों।

नियामक आयोग ने क्या कहा

मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (MPERC) के सचिव उमाकांत पांडा के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा तय नियमों को आयोग टैरिफ आदेशों में शामिल करता है और बिजली कंपनियों को आवश्यक बदलाव लागू करने के निर्देश देता है। नए प्रावधानों के तहत भी आयोग अपने क्षेत्राधिकार के अनुसार इन व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करेगा।

FAQ

प्रश्न: किस स्थिति में बिजली बिल रोका जाएगा?
उत्तर: यदि नया बिजली बिल पिछले छह महीने के औसत बिल से पांच गुना या उससे अधिक होगा तो सिस्टम उसे स्वतः रोककर जांच के लिए फ्लैग कर देगा।

प्रश्न: जांच में कितना समय लगेगा?
उत्तर: संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों का निराकरण 30 दिनों के भीतर करना होगा।

प्रश्न: क्या स्मार्ट मीटर से अतिरिक्त बिजली लोड भी पकड़ा जाएगा?
उत्तर: हां। स्मार्ट मीटर के डेटा के आधार पर स्वीकृत लोड से अधिक बिजली उपयोग की पहचान की जाएगी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।

Read More: इंदौर पहुंचेंगी 4 हाईटेक TBM मशीनें, एयरपोर्ट-रेलवे स्टेशन-खजराना के बीच शुरू होगी सुरंग की खुदाई

Share.
Exit mobile version