सुप्रीम कोर्ट की ओर से इन-सर्विस शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्य बनाए जाने और इसे पास करने की अंतिम समय-सीमा 31 अगस्त 2028 तक बढ़ाए जाने के बाद मध्य प्रदेश के बड़ी संख्या में शिक्षक अब राज्य सरकार से स्पष्ट रोडमैप जारी करने की मांग कर रहे हैं। शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों का कहना है कि परीक्षा की तैयारी तभी प्रभावी हो सकेगी, जब सरकार समय रहते परीक्षा कार्यक्रम और उससे जुड़ी सभी जानकारियां सार्वजनिक करेगी।
पहली परीक्षा जल्द कराने की मांग
शिक्षक संगठनों का कहना है कि यदि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप परीक्षा आयोजित की जानी है तो पहली TET जल्द कराई जाए। उनका तर्क है कि यदि किसी अभ्यर्थी का पहली बार में चयन नहीं हो पाता है तो उसके पास 2028 की समय-सीमा से पहले दूसरी परीक्षा में शामिल होने का भी पर्याप्त अवसर रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को वर्ष में दो बार TET आयोजित करने की सलाह भी दी है, ताकि पात्र शिक्षकों को पर्याप्त मौके मिल सकें।
शिक्षकों के सामने कई सवाल, विभाग से नहीं मिला जवाब
शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल के अनुसार शिक्षकों के बीच अभी भी कई अहम सवाल बने हुए हैं। परीक्षा की संभावित तारीख, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता की शर्तें, सिलेबस, परीक्षा का पैटर्न, मूल्यांकन प्रणाली और अध्ययन सामग्री को लेकर अब तक स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में शिक्षक यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि तैयारी किस आधार पर शुरू करें।
सिलेबस और परीक्षा पैटर्न सार्वजनिक करने की मांग
विभिन्न शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द परीक्षा कैलेंडर जारी करने के साथ-साथ सिलेबस, परीक्षा पद्धति, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जरूरी नियमों की भी आधिकारिक घोषणा करे। उनका कहना है कि स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलने से सभी शिक्षकों को समान जानकारी उपलब्ध होगी और भ्रम की स्थिति खत्म होगी। ट्राइबल टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन सहित अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी विभाग से जल्द स्थिति स्पष्ट करने की अपील की है।
‘सार्थक’ एप पर तैयारी का दावा, लेकिन सामग्री सीमित
शिक्षकों का कहना है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने पहले ‘सार्थक’ एप के माध्यम से परीक्षा की तैयारी कराने की बात कही थी, लेकिन फिलहाल प्लेटफॉर्म पर केवल कुछ वीडियो उपलब्ध हैं। न तो पूरा सिलेबस स्पष्ट किया गया है और न ही विस्तृत अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है। परीक्षा कार्यक्रम घोषित नहीं होने से शिक्षकों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
मई 2026 में समीक्षा याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इन-सर्विस शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने के लिए पहले तय 31 अगस्त 2027 की समय-सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अवधि के भीतर परीक्षा पास करने वाले पात्र शिक्षकों की सेवा सुरक्षित रहेगी। साथ ही राज्यों और संबंधित प्राधिकरणों से TET नियमित अंतराल पर, अधिमानतः साल में दो बार आयोजित करने को कहा गया है।
अब तक जारी नहीं हुआ परीक्षा कार्यक्रम
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से पहले संकेत दिए गए थे कि पहली TET जुलाई-अगस्त में आयोजित की जा सकती है, लेकिन अब तक न तो आधिकारिक परीक्षा कैलेंडर जारी हुआ है और न ही आवेदन प्रक्रिया या विस्तृत दिशा-निर्देश घोषित किए गए हैं। वहीं, मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) के वर्तमान परीक्षा कैलेंडर में भी इस परीक्षा की तिथि फिलहाल शामिल नहीं है।