मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में प्रोटोकॉल दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से कथित अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर मंदिर में तैनात सुरक्षा गार्ड संजय मोरे और स्थानीय फोटोग्राफर सचिन अग्रवाल को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। वहीं मामले में लापरवाही और संदिग्ध भूमिका सामने आने पर मांधाता थाने के दो पुलिस आरक्षकों अमन और धर्मेंद्र गुर्जर को लाइन अटैच कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
गुजरात से आए श्रद्धालुओं ने दर्ज कराई शिकायत
प्रशासन के अनुसार, गुजरात से दर्शन करने पहुंचे 11 श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें शीघ्र दर्शन कराने के नाम पर कुल 13,200 रुपये देने पड़े। शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर दर्शन व्यवस्था प्रभारी एवं डिप्टी कलेक्टर मुकेश काशिव ने पूरे मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
जांच में वीडियो बनवाने की भी बात सामने आई
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि शिकायत के बाद कुछ संबंधित पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालुओं से यह कहते हुए वीडियो रिकॉर्ड कराया कि उनसे कोई राशि नहीं ली गई थी। अधिकारियों के अनुसार, जांच में उपलब्ध तथ्यों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर शिकायत को सही पाया गया, जिसके बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया।
पुलिस विभाग ने शुरू की विभागीय जांच
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह कंवर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मांधाता थाने के दो आरक्षकों की भूमिका संदिग्ध मिली है। पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देश पर दोनों को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा
मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा ने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए मंदिर में तैनात सभी सुरक्षा कर्मियों का दो दिनों के भीतर चरित्र सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं से अवैध वसूली या किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पहले भी उठ चुके हैं ऐसे मामले
ओंकारेश्वर मंदिर की प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। पूर्व में भी ऐसे मामलों में प्रशासन द्वारा जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। ताजा कार्रवाई के बाद प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि दर्शन व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निगरानी और सख्त की जाएगी।