Thursday, 9 July

Bhopal-Vidisha Four-Lane Project: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को विदिशा और विश्व धरोहर स्थल सांची से बेहतर सड़क संपर्क देने वाली प्रस्तावित ₹1,618 करोड़ की भोपाल-विदिशा फोरलेन परियोजना अभी तक राज्य मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रही है। राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (SLEC) से दिसंबर 2025 में स्वीकृति मिलने के बाद भी करीब आठ महीने बीत चुके हैं, लेकिन परियोजना पर आगे की कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्ताव अब भी कैबिनेट के समक्ष लंबित है।

45 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का होगा विस्तार

यह परियोजना लगभग 45 किलोमीटर लंबे स्टेट हाईवे-18 को दो लेन से चार लेन में विकसित करने से जुड़ी है। यही मार्ग भोपाल को विदिशा से जोड़ता है और सांची जाने वाले पर्यटकों, स्थानीय यात्रियों तथा मालवाहक वाहनों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग भी है। सड़क चौड़ी होने से क्षेत्रीय यातायात को गति मिलने के साथ पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

खराब सड़क के कारण बढ़ रही यात्रियों की परेशानी

वर्तमान में इस मार्ग की स्थिति कई हिस्सों में खराब बताई जाती है। इसके चलते बड़ी संख्या में वाहन चालक भोपाल-रायसेन मार्ग का उपयोग करते हुए आगे सांची-विदिशा सड़क से जुड़ते हैं। इस वैकल्पिक रास्ते से यात्रा लगभग 10 किलोमीटर लंबी हो जाती है, जिससे सफर का समय, ईंधन खर्च और रायसेन मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ रहा है।

डीपीआर से लेकर SLEC तक पूरी हो चुकी प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार, परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होने के बाद आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं। परियोजना को क्रमवार सभी स्तरों पर स्वीकृतियां मिलने के बाद दिसंबर 2025 में SLEC की मंजूरी भी मिल गई थी। इसे राज्य कैबिनेट के समक्ष रखे जाने से पहले की अंतिम प्रशासनिक स्वीकृति माना जाता है। परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित करने का प्रस्ताव है।

अंतिम कैबिनेट मंजूरी के बिना आगे नहीं बढ़ सकती योजना

अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव मंत्रिमंडल के विचाराधीन है, लेकिन अंतिम स्वीकृति मिलने तक न तो निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है और न ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। आधिकारिक तौर पर मंजूरी की कोई समय-सीमा घोषित नहीं की गई है।

मंजूरी मिलने तक इंतजार जारी

कैबिनेट की अंतिम स्वीकृति मिलने तक भोपाल, विदिशा और सांची के बीच यात्रा करने वाले लोगों को मौजूदा मार्ग और वैकल्पिक डायवर्जन पर निर्भर रहना होगा। लंबे समय से प्रस्तावित यह सड़क उन्नयन परियोजना फिलहाल प्रशासनिक प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंचकर भी शुरू होने की प्रतीक्षा में है।

Share.
Exit mobile version