Monday, 22 June

इंदौर। पेपर लीक विवाद के बाद आयोजित NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा रविवार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। परीक्षा के दौरान एक ओर हजारों विद्यार्थी मेडिकल प्रवेश की इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल हुए, वहीं दूसरी ओर प्रशासन और पुलिस के लिए सुरक्षा एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना बड़ी जिम्मेदारी रही।

इंदौर जिले में परीक्षा के लिए 57 केंद्र बनाए गए थे, जहां 23,089 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। अधिकारियों के अनुसार करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। कुल 20,882 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे, जबकि दो हजार से अधिक उम्मीदवार अनुपस्थित रहे।

दोबारा परीक्षा को लेकर छात्रों में दिखा तनाव

परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे कई विद्यार्थियों के चेहरे पर तनाव साफ दिखाई दिया। छात्रों का कहना था कि मई में आयोजित परीक्षा उनके लिए संतोषजनक रही थी, लेकिन री-एग्जाम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। कई अभ्यर्थियों को आशंका थी कि इस बार प्रश्नपत्र का स्तर अधिक कठिन हो सकता है।

परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई। रिपोर्टिंग प्रक्रिया सुबह 11:30 बजे से शुरू हो गई थी। इंदौर के अलावा महू, सिमरोल, उज्जैन और देवास से भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंचे।

तीन स्तर की जांच के बाद मिला प्रवेश

परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रखी गई थी। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की तीन चरणों में जांच की गई। पहचान सत्यापन, बायोमेट्रिक जांच और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही छात्रों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया।

विद्यार्थियों की आंखों की पुतलियों की स्कैनिंग, आधार सत्यापन और अंगूठे के निशान लेने की प्रक्रिया अपनाई गई। ड्रेस कोड का भी सख्ती से पालन कराया गया। कुछ छात्राओं को ज्वेलरी उतारकर बाहर जमा करनी पड़ी, जिसके बाद उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया।

हेल्प डेस्क और अभिभावकों के लिए विशेष इंतजाम

परीक्षा केंद्रों के बाहर इस बार हेल्प डेस्क और काउंसिलिंग सहायता केंद्र भी बनाए गए थे। कई स्थानों पर डिजिटल फोटो और एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

परीक्षा देने पहुंचे छात्रों के साथ बड़ी संख्या में अभिभावक भी केंद्रों के बाहर मौजूद रहे। गर्मी और धूप को देखते हुए कई केंद्रों पर टेंट और पेयजल की व्यवस्था की गई थी। कुछ स्थानों पर अभिभावकों के लिए कैंटीन सुविधाएं भी उपलब्ध रहीं।

पुलिस ने संभाली सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था

प्रशासन ने परीक्षा को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। परीक्षा केंद्रों के आसपास पुलिस बल तैनात रहा और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई। किसी भी प्रकार की अफवाह या अव्यवस्था की आशंका को देखते हुए लगातार निगरानी रखी गई।

छात्रों ने बताया कैसा रहा पेपर

परीक्षा देकर बाहर निकले विद्यार्थियों ने प्रश्नपत्र को संतुलित बताया। अधिकांश छात्रों के अनुसार पेपर न तो बहुत आसान था और न ही अत्यधिक कठिन। हालांकि फिजिक्स सेक्शन ने सबसे अधिक चुनौती पेश की।

अभ्यर्थी विवेक सोलंकी ने बताया कि फिजिक्स में कॉन्सेप्ट आधारित और न्यूमेरिकल प्रश्नों ने अपेक्षा से अधिक समय लिया। वहीं छात्रा महिमा चतुर्वेदी के अनुसार बायोलॉजी के कई प्रश्न सीधे NCERT पर आधारित थे, लेकिन कुछ सवालों को समझने और सही विकल्प चुनने में अतिरिक्त समय लगा।

छात्रों का कहना है कि इस बार परीक्षा में केवल विषय ज्ञान ही नहीं, बल्कि समय प्रबंधन और प्रश्नों की सही व्याख्या भी सफलता के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई।

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