दिल्ली से लेकर मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार तक भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कई शहरों में तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। बढ़ती बिजली मांग के कारण कई इलाकों में पावर कट की शिकायतें सामने आ रही हैं, जबकि जंगलों में आग और पानी संकट ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
भारत मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार गर्मी सिर्फ मौसमी समस्या नहीं बल्कि “नेशनल इमरजेंसी जैसे हालात” पैदा कर रही है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ रहे हैं।
बिजली व्यवस्था पर सबसे बड़ा दबाव
एयर कंडीशनर और कूलिंग उपकरणों के इस्तेमाल से बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। कई राज्यों में लोकल फॉल्ट और ओवरलोडिंग के कारण कटौती की शिकायतें बढ़ी हैं। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में स्थिति और कठिन हो सकती है।
Climate Change बना बड़ा कारण?
मौसम वैज्ञानिक लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि चरम मौसम की घटनाएं अब सामान्य होती जा रही हैं। लंबे समय तक चलने वाली हीटवेव, सूखा और अनियमित बारिश भारत की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों पर दबाव बढ़ा रही हैं।
लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
- दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
- ज्यादा पानी पिएं
- बुजुर्ग और बच्चों का विशेष ध्यान रखें
- धूप में काम करने वालों को ORS और पानी साथ रखना चाहिए
