ITR Filing 2026: Assessment Year 2026-27 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने वाले सैलरीड टैक्सपेयर्स और छोटे निवेशकों को बड़ी राहत मिली है। अब ऐसे कई लोग, जिन्हें पहले केवल शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड से मामूली लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) होने पर ITR-2 भरना पड़ता था, वे नई पात्रता शर्तों के तहत ITR-1 (सहज) का उपयोग कर सकेंगे। यह बदलाव रिटर्न फाइलिंग प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक आसान बना सकता है।
क्या बदला है ITR-1 में?
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने Assessment Year 2026-27 के लिए ITR-1 फॉर्म में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब यदि किसी निवासी व्यक्ति (Resident Individual) की कुल आय ₹50 लाख तक है और उसे सूचीबद्ध (Listed) शेयरों या इक्विटी म्यूचुअल फंड से धारा 112A के तहत ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो वह भी ITR-1 दाखिल कर सकता है। पहले ऐसे मामलों में ITR-2 भरना अनिवार्य था।
दो घर होने पर भी भर सकेंगे ITR-1
इस बार ITR-1 की पात्रता में एक और बड़ा बदलाव किया गया है। अब आयकरदाता अधिकतम दो हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली आय भी ITR-1 में दिखा सकते हैं। पहले यह सुविधा केवल एक हाउस प्रॉपर्टी तक सीमित थी। इससे उन नौकरीपेशा लोगों को राहत मिलेगी जिनके पास एक घर अपने गृह नगर में और दूसरा नौकरी वाले शहर में है।
किन लोगों को अभी भी ITR-2 भरना होगा?
हालांकि ITR-1 का दायरा बढ़ाया गया है, लेकिन सभी करदाता इसके पात्र नहीं होंगे। निम्न स्थितियों में अब भी ITR-2 या अन्य उपयुक्त फॉर्म भरना होगा:
- शेयर या म्यूचुअल फंड से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) हुआ हो।
- धारा 112A के तहत ₹1.25 लाख से अधिक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन हो।
- शेयर बाजार में हुए नुकसान को भविष्य के वर्षों के लिए Carry Forward करना हो।
- घर, जमीन, सोना या अन्य पूंजीगत संपत्ति बेचने से कैपिटल गेन हुआ हो।
- कुल वार्षिक आय ₹50 लाख से अधिक हो।
- कंपनी के डायरेक्टर हों।
- अनलिस्टेड इक्विटी शेयर रखते हों।
- विदेश में संपत्ति, आय या वित्तीय हित हो।
किन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा?
यह बदलाव खास तौर पर उन सैलरीड कर्मचारियों और छोटे निवेशकों के लिए राहतभरा है, जो नियमित रूप से SIP या शेयर बाजार में निवेश करते हैं और केवल सीमित लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन की वजह से पहले ITR-2 भरने के लिए बाध्य होते थे। अब यदि वे निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं, तो सरल ITR-1 फॉर्म के जरिए ही रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।
ITR भरने से पहले क्या जांच लें?
रिटर्न दाखिल करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि:
- आपकी कुल आय ₹50 लाख से अधिक न हो।
- धारा 112A के तहत LTCG ₹1.25 लाख से अधिक न हो।
- आपके पास शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन, विदेशी आय या अन्य अपात्र आय स्रोत न हों।
- यदि किसी शर्त को लेकर संदेह हो, तो आयकर विभाग के दिशा-निर्देश देखें या कर विशेषज्ञ से सलाह लें।
