Laser Power & Infra IPO निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ₹742 करोड़ का यह पब्लिक इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो चुका है और इसमें आवेदन करने के लिए अब केवल एक दिन का समय बचा है। IPO 13 जुलाई को बंद होगा। वहीं, ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयर प्रीमियम पर ट्रेड होने से लिस्टिंग को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, निवेश का फैसला लेने से पहले कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति और संभावित जोखिमों को समझना जरूरी है।
IPO की अहम तारीखें और प्राइस बैंड
Laser Power & Infra का IPO 9 जुलाई को खुला था। कंपनी ने प्रति शेयर ₹203 से ₹214 का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशकों को कम से कम 70 शेयरों के एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा।
यदि तय कार्यक्रम में बदलाव नहीं होता है, तो:
- IPO बंद होने की तारीख: 13 जुलाई
- संभावित शेयर अलॉटमेंट: 14 जुलाई
- संभावित लिस्टिंग: 16 जुलाई
- लिस्टिंग एक्सचेंज: NSE और BSE
ग्रे मार्केट क्या संकेत दे रहा है?
ग्रे मार्केट में Laser Power & Infra IPO को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। बाजार ट्रैक करने वाली वेबसाइट Investorgain के अनुसार, कंपनी के शेयर ₹214 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले करीब 16.36% प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ग्रे मार्केट एक अनधिकृत (Unofficial) बाजार है। यहां दिखाई देने वाला प्रीमियम केवल बाजार की धारणा को दर्शाता है, यह लिस्टिंग पर मिलने वाले वास्तविक रिटर्न की गारंटी नहीं होता।
IPO का आकार और शेयर बिक्री का विवरण
₹742 करोड़ के इस इश्यू में:
- ₹542 करोड़ के नए शेयर (Fresh Issue) जारी किए जा रहे हैं।
- ₹200 करोड़ के शेयर मौजूदा निवेशकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे जा रहे हैं।
कंपनी नए शेयरों से जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्य रूप से कर्ज घटाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने में करेगी।
निवेशकों के लिए कितना हिस्सा रिजर्व?
IPO में विभिन्न निवेशक श्रेणियों के लिए आरक्षण इस प्रकार रखा गया है:
- 50% – क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB)
- 35% – रिटेल निवेशक
- 15% – नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशक (NII)
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक QIB श्रेणी लगभग 0.68 गुना, NII श्रेणी 2.03 गुना और रिटेल श्रेणी 0.85 गुना सब्सक्राइब हो चुकी थी।
क्या करती है Laser Power & Infra?
कोलकाता स्थित Laser Power & Infra Limited पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर के लिए पावर केबल, कंडक्टर और अन्य विशेष उत्पाद तैयार करती है। इसके अलावा कंपनी Engineering, Procurement and Construction (EPC) मॉडल पर भी परियोजनाओं का संचालन करती है।
कंपनी के प्रमोटरों में दीपक गोयल, देवेश गोयल, अक्षत गोयल और राखी गोयल शामिल हैं।
कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी है?
उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है।
- शुद्ध मुनाफा लगभग 42% बढ़कर ₹151.6 करोड़ पहुंचा।
- कुल राजस्व करीब 9% घटकर ₹2,347.89 करोड़ रहा।
- कंपनी पर ₹828.23 करोड़ का कर्ज दर्ज था।
मुनाफे में सुधार सकारात्मक संकेत देता है, लेकिन राजस्व में गिरावट और कर्ज का स्तर निवेशकों के लिए विश्लेषण का विषय बना रहेगा।
निवेश से पहले इन जोखिमों को समझें
ब्रोकरेज Master Capital ने अपने IPO नोट में इस इश्यू को लंबी अवधि के नजरिए से संभावनाओं वाला बताया है। हालांकि, कुछ प्रमुख जोखिमों का भी उल्लेख किया गया है:
- कंपनी का बड़ा कारोबार सीमित संख्या के प्रमुख ग्राहकों पर निर्भर है।
- राजस्व का बड़ा हिस्सा पावर केबल और कंडक्टर कारोबार से आता है।
- कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से मार्जिन प्रभावित हो सकते हैं।
- सीमित सप्लायर नेटवर्क और दीर्घकालिक खरीद समझौतों की कमी भी जोखिम बढ़ाती है।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने
Laser Power & Infra IPO को शुरुआती स्तर पर अच्छा निवेशक समर्थन मिला है और ग्रे मार्केट भी सकारात्मक संकेत दे रहा है। फिर भी, केवल GMP या सब्सक्रिप्शन के आधार पर निवेश का निर्णय लेना उचित नहीं माना जाता। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कर्ज, कारोबार की स्थिरता और जोखिमों का मूल्यांकन करने के बाद ही आवेदन करना चाहिए।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार और IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।)
