नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग और सेकेंडरी एल्युमीनियम उत्पादन क्षेत्र की कंपनी CMR Green Technologies का आईपीओ शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत कर सकता है। कंपनी के शेयर बुधवार, 10 जून 2026 को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध होने वाले हैं। लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में शेयरों की मजबूत मांग देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों के बीच उत्साह बढ़ा है।
कंपनी ने अपने आईपीओ के जरिए ₹630.88 करोड़ जुटाए थे और अब सभी की नजर इसकी लिस्टिंग पर टिकी हुई है।
Grey Market Premium क्या संकेत दे रहा है?
बाजार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, CMR Green Technologies के अनलिस्टेड शेयर ग्रे मार्केट में करीब ₹260 प्रति शेयर के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। कंपनी का आईपीओ ₹192 प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड पर जारी किया गया था।
इस आधार पर शेयर का Grey Market Premium (GMP) ₹68 प्रति शेयर बनता है, जो इश्यू प्राइस के मुकाबले लगभग 35.42% अधिक है।
यदि मौजूदा GMP बरकरार रहता है, तो कंपनी के शेयर करीब ₹260 के आसपास लिस्ट हो सकते हैं। हालांकि, निवेशकों को यह समझना चाहिए कि GMP एक अनौपचारिक संकेतक होता है और यह वास्तविक लिस्टिंग प्रदर्शन की गारंटी नहीं देता।
IPO को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स
CMR Green Technologies IPO को निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। यह इश्यू 3 जून से 5 जून 2026 तक खुला था।
आईपीओ के लिए कुल 2,30,43,930 शेयरों की पेशकश की गई थी, जबकि निवेशकों ने 2,92,75,44,594 शेयरों के लिए बोलियां लगाईं।
विभिन्न श्रेणियों में सब्सक्रिप्शन की स्थिति
- Qualified Institutional Buyers (QIBs): 270.46 गुना
- Non-Institutional Investors (NIIs): 172.35 गुना
- Retail Investors: 27.03 गुना
सब्सक्रिप्शन के आंकड़े बताते हैं कि संस्थागत निवेशकों ने इस इश्यू में खास रुचि दिखाई।
8 जून को हुआ अलॉटमेंट, ₹192 तय हुआ इश्यू प्राइस
कंपनी ने 8 जून 2026 को शेयरों का अलॉटमेंट पूरा किया था। आईपीओ का प्राइस बैंड ₹182 से ₹192 प्रति शेयर तय किया गया था और अंतिम इश्यू प्राइस ₹192 प्रति शेयर रखा गया।
इश्यू का लॉट साइज 78 शेयरों का था। यानी खुदरा निवेशकों को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना आवश्यक था।
Offer for Sale था पूरा IPO
यह आईपीओ पूरी तरह से Offer for Sale (OFS) आधारित था। इसका मतलब है कि इस इश्यू से प्राप्त राशि कंपनी के पास नहीं जाएगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी।
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, प्रमोटर समूह से जुड़े मोहन अग्रवाल, गौरी शंकर अग्रवाला HUF और मोहन अग्रवाल HUF ने अपने हिस्से के शेयर बेचे। इसके अलावा निवेशक समूह की इकाई Global Scrap Processors ने भी अपनी हिस्सेदारी का एक भाग ऑफर फॉर सेल के तहत बेचा।
ब्रोकरेज फर्मों की राय रही अलग-अलग
CMR Green Technologies IPO को लेकर ब्रोकरेज हाउसों की राय एक जैसी नहीं रही।
- Swastika Investment ने इस इश्यू को ‘Neutral’ रेटिंग दी थी। फर्म का मानना था कि अधिक जोखिम लेने वाले निवेशक संभावित लिस्टिंग गेन के लिए इसमें भागीदारी कर सकते हैं।
- वहीं, Equivision ने इस आईपीओ को ‘Subscribe’ करने की सलाह दी थी।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
CMR Green Technologies IPO के मजबूत सब्सक्रिप्शन आंकड़े और ग्रे मार्केट में सकारात्मक संकेत लिस्टिंग को लेकर उम्मीदें बढ़ा रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को केवल GMP के आधार पर निवेश संबंधी निर्णय नहीं लेना चाहिए।
शेयर बाजार में लिस्टिंग के दिन बाजार की धारणा, निवेशकों की मांग और समग्र आर्थिक परिस्थितियां भी शेयर के प्रदर्शन को प्रभावित करती हैं।
