Friday, 12 June

Credit growth of Bank: देश में कर्ज की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मई 2026 में बैंक क्रेडिट (Bank Credit) सालाना आधार पर 17.44 प्रतिशत बढ़ा, जो लगातार नौवां महीना है जब क्रेडिट ग्रोथ डबल डिजिट में दर्ज की गई। मई के मध्य तक यह वृद्धि 16.06 प्रतिशत थी, लेकिन महीने के आखिर तक इसमें तेज उछाल देखने को मिला। यह संकेत देता है कि खुदरा ग्राहकों, MSME और कॉर्पोरेट सेक्टर तीनों से ऋण की मांग मजबूत बनी हुई है।

मई के आखिर में क्यों बढ़ी रफ्तार

आरबीआई के फोर्टनाइट डेटा से पता चलता है कि 15 मई तक बैंक ऋण वृद्धि करीब 16 प्रतिशत के आसपास थी, लेकिन महीने के दूसरे हिस्से में कॉर्पोरेट उधारी और कार्यशील पूंजी की मांग बढ़ने से क्रेडिट ग्रोथ 17.44 प्रतिशत तक पहुंच गई। इससे पहले अप्रैल के अंत में भी बैंक ऋण वृद्धि लगभग 16 प्रतिशत दर्ज की गई थी।

जनवरी से लगातार मजबूत बना हुआ है ट्रेंड

इस साल 31 जनवरी के बाद से बैंक क्रेडिट ग्रोथ 13 प्रतिशत से नीचे नहीं गई। फरवरी, मार्च और अप्रैल के दौरान यह 13 से 16 प्रतिशत के दायरे में बनी रही। मार्च 2026 के अंत तक गैर-खाद्य बैंक ऋण (Non-Food Credit) में 15.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक थी।

सितंबर 2025 के बाद बदला माहौल

क्रेडिट ग्रोथ में तेजी का दौर सितंबर 2025 के बाद ज्यादा स्पष्ट हुआ। उसी अवधि में कारोबार और उपभोग गतिविधियों में सुधार देखने को मिला। अक्टूबर और नवंबर में त्योहारी मांग, रिटेल लोन और ट्रेड फाइनेंसिंग के कारण ऋण वितरण लगातार बढ़ा। दिसंबर के अंत तक यह वृद्धि 14 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई और उसके बाद इसमें और मजबूती आई। उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान बैंकिंग सिस्टम में ऋण मांग व्यापक आधार पर बढ़ी, जिसमें उद्योग, सेवाएं, कृषि और व्यक्तिगत ऋण सभी शामिल रहे।

सिर्फ रिटेल नहीं, उद्योग भी ले रहे हैं ज्यादा कर्ज

इस बार की वृद्धि का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि केवल होम लोन या पर्सनल लोन ही नहीं, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र की उधारी भी तेजी से बढ़ी है। मार्च 2026 में उद्योग क्षेत्र को दिया गया बैंक ऋण 15 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि सेवाक्षेत्र में वृद्धि इससे भी अधिक रही। MSME और बड़ी कंपनियों की बढ़ती फंडिंग जरूरतों ने बैंकिंग सेक्टर की क्रेडिट ग्रोथ को सहारा दिया।

संकेत जिस पर बैंकिंग सेक्टर की नजर

क्रेडिट ग्रोथ लगातार जमा (Deposit) वृद्धि से तेज बनी हुई है। मई मध्य तक बैंक ऋण वृद्धि करीब 16 प्रतिशत थी जबकि जमा वृद्धि लगभग 12 प्रतिशत के आसपास रही। इससे बैंकों के सामने भविष्य में पर्याप्त डिपॉजिट जुटाने की चुनौती भी बनी रह सकती है। यही कारण है कि कई बैंक जमा आकर्षित करने के लिए नई योजनाओं और प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर फोकस कर रहे हैं।

क्या संकेत मिल रहे हैं?

लगातार नौ महीनों से डबल डिजिट क्रेडिट ग्रोथ यह दर्शाती है कि अर्थव्यवस्था में निवेश, उपभोग और कारोबारी गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं। खास बात यह है कि वृद्धि किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि रिटेल, MSME, कृषि और कॉर्पोरेट सभी श्रेणियों से मांग आ रही है। यही व्यापक भागीदारी मौजूदा बैंकिंग क्रेडिट विस्तार को पिछले कुछ वर्षों की तुलना में अधिक टिकाऊ बनाती है।

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