Sexy Video of Sunny Leone: बॉलीवुड एक्ट्रेस सनी लियोन ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर अपनी हॉटनेस का जलवा बिखेर दिया है। नीले रंग के ऑफ शोल्डर ड्रेस में उनका लुक देखकर फैंस मदहोश हो गए हैं।
Author: Nishpaksh Mat Team
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रिलायंस रिटेल, ईशा अंबानी के नेतृत्व में, Wyzr नामक नए ब्रांड के साथ भारत के होम एप्लायंस बाजार में प्रवेश करने की योजना बना रही है।
About Khajuraho Temple: विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो दुनियाभर में अपनी एक अलग पहचान बनाए हुए है, जो वास्तव में आलौकिक और चमत्कारिक है। यहां पर मंदिरों का निर्माण चंदेल साम्राज्य के समय हुआ। 12वीं शताब्दी से खजुराहो में लगभग 85 मंदिर हैं जो 20 किलोमीटर में फैले हुए हैं। लेकिन अब कुछ ही मंदिर बचे हुए हैं जो अब 6 किलोमीटर के दायरे में फैले हुए हैं। इनमें से कंदरिया महादेव का मंदिर (Kandariya Mahadev Temple Khajuraho) प्रसिद्ध है व इसमें बहुत सी ऐतिहासिक मूर्तियां बनी हुई हैं। इन मंदिरों में हिन्दू व जैन दोनों धर्मों का मिश्रण भी…
Akshara Singh Sexy Danc Videos: भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की चमकती सितारा अक्षरा सिंह (Akshara Singh) आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। अपनी दमदार एक्टिंग और खूबसूरती के दम पर उन्होंने देशभर में लाखों फैंस बनाए हैं। अक्षरा इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और अक्सर अपने फैंस के साथ फोटो और वीडियो शेयर करती रहती हैं।
मध्य प्रदेश का एक महत्वपूर्ण शहर है। सागर का इतिहास सन 1660 से आरंभ होता है , जब हुसैन शाह ने तालाब के किनारे स्थित वर्तमान किले के स्थान पर एक छोटे किले का निर्माण करवा कर उस के पास परकोटा नाम का गांव बसाया था ।निहालशाह के वंशज ऊदन शाह द्वारा बसाया गया वही छोटा सा गांव आज सागर के नाम से जाना जाता है। परकोटा अब शहर के बीचों बीच स्थित एक मोहल्ला है । वर्तमान किला और उसके अंदर एक बस्ती का निर्माण पेशवा के एक अधिकारी गोविंदराव पंडित ने कराया। सन 1735 के बाद जब सागर…
टीकमगढ़ मध्य प्रदेश का एक छोटा शहर और जिला मुख्यालय है। यह जिला ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से धनी कहा जा सकता है। टीकमगढ़ अपनी बिरासत में सांस्कृतिक, साहित्यक, भौगोलिक, एवं राजनीतिक दृष्टि से बहुत कुछ संजोये हुए है। फिलहाल विगत दो वर्ष पूर्व कुछ राजनीतिक एवं प्रशासनिक कारणों व जरूरतों के हिसाब से टीकमगढ़ जिला दो भागों विभक्त हो गया है। टीकमगढ़ जिले की ही एक पुरानी तहसील निवाड़ी को मध्य प्रदेश शासन द्वारा जिले का दर्जा प्रदान कर दिया गया। भगवान कृष्ण के नाम ‘टीकम’ से बनी टीकमगढ़ की पहचान जिले के अंतर्गत क्षेत्र ओरछा के सामंती राज्य…
जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन की खोज कब और किसने की? इस लेख में जानिए ऑक्सीजन की खोज का रोचक इतिहास, वैज्ञानिकों का योगदान और इसके विभिन्न उपयोगों के बारे में।
हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति हिमाचल प्रदेश 30°22′ से 33°12′ उत्तरी अक्षांश एवं 76°47′ से 97°4′ पूर्वी देशान्तरों के बीच स्थित है। प्रदेश का उत्तरी-पूर्वी भाग हिमाच्छादित, रूपहले पर्वत शिखरों, प्राकृतिक दृश्यों से सुसज्जित है। यहां पहाड़ों की ऊंचाई समुद्र तल से 460 से 6,600 मीटर तक है। राज्य में उप-उष्णकटिबंधीय किस्म की वनस्पतियां पाई जाती हैं। यहां गर्मी की ऋतु सुहावनी एवं सर्दी की ऋतु में अधिक ठंड पड़ती है। भारी बर्फ गिरती है। राज्य में शिमला और सिरमौर जिलों की भूमि उपजाऊ है। अन्य जिलों में जंगल और पहाड़ी भूमि है। वर्षा का औसत 181.6 सेमी. है। बर्फ…
राजस्थान की भौगोलिक स्थिति प्रदेश की पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान, उत्तर में पंजाब, उत्तर-पूर्व में हरियाणा, पूर्व में उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पूर्व में मध्यप्रदेश एवं गुजरात है। राज्य का अधिकांश भाग मरुस्थलीय है। यहां थार का रेगिस्तान है। वर्षा की मात्रा व समय निश्चित नहीं है। राज्य को सूखे का सामना करना पड़ता है। गर्मी में तापमान 40 से 50 डिग्री सेल्सियस एवं सर्दी में कई स्थानों पर शून्य डिग्री सेल्सियस से भी नीचे पहुंच जाता है। राजस्थान में रेगिस्तान के अलावा मैदान एवं पर्वत श्रृंखला भी हैं। ऐसा माना जाता है कि राज्य विश्व के प्राचीन भूखण्डों [1] अंगारा लैण्ड,…
उड़ीसा की भौगोलिक स्थिति ओडिशा 17°45′ से 20°25′ अक्षांश एवं 81°25′ से 87°25′ पूर्वी देशान्तरों के बीच स्थित है। उत्तर में बिहार, पश्चिम में मध्य प्रदेश, पूर्वोत्तर में पश्चिम बंगाल, दक्षिण में आंध्र प्रदेश व पूर्व में बंगाल की खाड़ी से घिरा हुआ है। यहां मीठे व खारे पानी की झीलें हैं। चिलका झील उनमें से एक है, जो करीब 11 वर्ग कि.मी. क्षेत्र में फैली है। कई क्षेत्रों में अधिक तो कहीं न्यून वर्षा होती है। इससे प्रदेश में बाढ़ एवं सूखे की स्थिति बनी रहती है। यहां ब्राह्मणी, महानदी एवं वैतरणी नदियां भी हैं। उड़ीसा की ऐतिहासिक स्थिति…
पंजाब की भौगोलिक स्थिति भौतिक दृष्टि से पंजाब को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है। [1] शिवालिक तराई की पट्टी, [2] सतलुज-घग्घर का मैदान, शिवालिक, धौलाघर, पीरपंजाल पर्वत हैं। यहां सिंधु, रावी, व्यास, सतलुज नदियां हैं। पंजाब की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पंजाब शब्द फारसी के दो शब्दों ‘पंज’ और ‘आब’ के साथ मिलकर बना है। पंज का मतलब है पांच और ‘आब’ का मतलब पानी है। इस प्रदेश पर यूनानी, मौर्य, कुषाण, शक, गुप्त सहित अनेक क्शा का शासन रहा। मध्यकाल में यह प्रदेश मुसलमानों के आधिपत्य में रहा। यहां गजनवी, गोरी, खिलजी, गुलाम, तुगलक, लोदी एवं मुगल वंशों…
नागालैंड की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि नागालैंड में मूलतः नागा लोग निवास करते हैं। ये लोग जनजातीय हैं। नागा लोगों का सम्पर्क बारहवीं और तेरहवीं शताब्दी में अहोम लोगों से हुआ। उन्नीसवीं शताब्दी में यह क्षेत्र ब्रिटिश शासन के आधिपत्य में आ गया 1957 तक यह क्षेत्र नागा हिल्स ट्वेनसांग के नाम से जाना जाता रहा। 1961 में इसका नाम नागालैंड कर दिया गया। नागालैंड को 1 दिसम्बर, 1963 में विधिवत राज्य का दर्जा दे दिया गया। नागालैंड की भौगोलिक एवं आर्थिक स्थिति नागालैंड उत्तर में अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम में असम, दक्षिण में मणिपुर एवं पूर्व से म्यांमार से घिरा हुआ है।…
मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति मध्यप्रदेश के उत्तर में उत्तर प्रदेश, पूर्व में छत्तीसगढ़, पश्चिम में राजस्थान व गुजरात तथा दक्षिण में महाराष्ट्र से घिरा है। राज्य 21°6′ उत्तर से 26° 30′ उत्तरी अक्षांश एवं 74°9′ पूर्व से 82° 48′ पूर्वी देशान्तरों के बीच स्थित है। राज्य में ऊंचे नीचे पठार और नदियों के मैदान हैं। इसके दक्षिणी और दक्षिणी पूर्वी किनारे प्रपाती कगार है, जो पश्चिम से पूर्व की ओर क्रमशः विंध्याचल, भांडेर, कैमूर की श्रेणियों के नाम से पुकारे जाते हैं। राज्य की जलवायु मानसूनी है। प्रदेश की सीमा देश के आठ राज्यों छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात,…
महाराष्ट्र के भौगोलिक स्थिति महाराष्ट्र के उत्तर में गुजरात, पूर्वोत्तर में मध्य प्रदेश, दक्षिण में कर्नाटक एवं आंध्रप्रदेश तथा पश्चिम में अरब सागर है, जिसकी राज्य के साथ 720 किमी. की तटरेखा है। अरब सागर का तटीय मैदानी भाग कोंकण कहलाता है। यह करीब 720 किमी. लम्बा और 80 किमी. चौड़ा है। तटीय मैदान में धान के खेत और नारियल के बाग हैं । समुद्र तट के समानांतर सह्याद्रि या पश्चिमी घाट की श्रृंखला कोंकण के पूर्व में हैं। सह्याद्रि के पूर्व में पठारी भाग है। यहां बहने वाली प्रमुख नदियां गोदावरी, भीमा और कृष्णा हैं। ये नदियां बंगाल की…
झारखंड की भौगोलिक स्थिति राज्य 21°51’10” से 25°19’15” उत्तरी अक्षांश एवं 83°20*50″ से 88° 4’40” पूर्वी देशान्तर के बीच स्थित है। यह राज्य पूर्व में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़, उत्तर में बिहार एवं दक्षिण में उड़ीसा से घिरा हुआ है। उत्तरी कोयल, दक्षिणी कोयल, फल्गु, सकरी, पंचाने, दामोदर, स्वर्ण रेखा, बराकर यहां की प्रमुख नदियां हैं। यहां रांची, पूर्व एवं पश्चिमी सिंहभूमि, हजारीबाग, गिरीडीह, पलामू सहित अनेक जिलों में जलप्रपात हैं। झारखंड की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि इस क्षेत्र में ब्रिटिश शासन काल के दौरान [1895-1900] बाहरी दिकू प्रजाति के लोगों के विरुद्ध बिरसा मुंडा के नेतृत्व में…
कर्नाटक की भौगोलिक स्थिति यह प्रदेश उत्तर में महाराष्ट्र, दक्षिण में केरल एवं तमिलनाडु, पूर्व में आंध्रप्रदेश तथा पश्चिम में अरब सागर से मिलता है। राज्य 11° 30′ उत्तर से 18°30′ उत्तरी अक्षांश तथा 74° 10′ से 78° 30′ पूर्वी देशान्तर के मध्य स्थित है। प्रदेश के उत्तर दिशा में कृष्ण एवं इसकी सहायक नदियां [भीमा, घाट प्रभा, मालप्रभा, तुंग भद्रा और रेवती] दक्षिण में कावेरी एवं इसकी सहायक नदियां हेमवती, शिमशा, लक्ष्मण तीर्थ, अर्कावती और काबिनो] सहित अन्य महत्वपूर्ण नदियां हैं। यहां नीलगिरी पर्वत है। ऐतिहासिक पृष्भूमि कर्नाटक का उद्भव करूनाडू’ से हुआ है, जिसका अर्थ है- भव्य उच्च भूमि…
मणिपुर की भौगोलिक स्थिति मणिपुर के पूर्व में म्यांमार, उत्तर में नागालैंड, पश्चिम में असम और मिजोरम, दक्षिण में म्यांमार और मिजोरम है। इसके पर्वतीय भाग में पांच एवं मैदानी भाग में चार जिले हैं। यहां सारामती [3,926 मी.] पर्वत शिखर है। इस राज्य में इम्फाल, इरिल, नाम्बूल नदियां हैं। मणिपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि इतिहासकारों के मतानुसार सन् 33 ई. में पारवंगा ने यहां एक बड़े राजवंश की शुरुआत की, जिसने 1891 तक मणिपुर पर शासन किया। उसके बाद मणिपुर ब्रिटिश शासन के अधीन आ गया। 15 अक्टूबर, 1949 को भारतीय संघ में भाग ‘ग’ के राज्य के रूप में…
हरियाणा की भौगोलिक स्थिति हरियाणा 27° 30′ से 30°50′ उत्तरी अक्षांश एवं 74° 30′ से 77° 34′ पूर्वी देशान्तरों के बीच स्थित है। राज्य का मैदानी भाग उपजाऊ है। समुद्रतल से इसकी औसत ऊंचाई 700 से 900 फीट के बीच है। राज्य का दक्षिणी-पश्चिमी भाग सूखा एवं रेतीला है। इस भाग में खेती नहीं होती है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि हरियाणा को भरत वंश के राजाओं का स्थान कहा जाता है। हरियाणा के पानीपत नामक स्थान पर 1526 में बाबर एवं इब्राहिम लोदी के मध्य, 1556 में अकबर व हेमू के बीच तथा 1761 में मराठों व अहमदशाह अब्दाली के मध्य युद्ध…
भारत में झीलों का निर्माण विभिन्न क्रियाओं द्वारा हुआ है। भूगर्भिक क्रिया द्वारा कश्मीर की वुलर झील बनी है जबकि महाराष्ट्र की लोनार झील (बुल्डाणा) ज्वालामुखी क्रिया से बनी है। कुमायूं हिमालय की राकसताल, भीमताल, नौकुचिया ताल, नैनीताल आदि झीलें हिमानी निर्मित हैं पीर पंजाल में हिमोढ झीलें मिलती हैं। पवन निर्मित झीलों (प्लाया) में राजस्थान की सांभर, डीडवाना, पचपदरा, फलोदी,कोछोर, रैवासा, लूणकरणसर प्रमुख है। नदी विसर्प से बनी झीलें (बील) मध्य एवं निचली गंगा घाटी में मिलती हैं। नदियों के मुहानों पर लैगून झीलें मिलती हैं। इनमें ओडिशा की चिल्का (पुरी में), तमिलनाडु की पुलिकट, आन्ध्र प्रदेश की कोलेरू प्रमुख…
आंध्र प्रदेश की भौगोलिक स्थिति राज्य 12° 30′ उत्तर से 19° 45′ उत्तरी अक्षांश एवं 76° 40′ पूर्व से 84° 54′ पूर्वी देशान्तर के बीच स्थित है। यहां की जलवायु उष्णार्द्र है। दक्षिण-पश्चिम मानसून से 2/3 और उत्तरी-पूर्वी मानसून से 1/3 भाग पर वर्षा होती है। यहां कृष्णा एवं गोदावरी नदियां प्रमुख हैं। यहां सर्वोच्च चोटी महेन्द्र गिरी [ऊंचाई समुद्र तल से 1,500 मी.] है। आंध्र प्रदेश की सीमाएं उत्तर में छत्तीसगढ़ तथा ओड़िशा, पश्चिम में कर्नाटक तथा महाराष्ट्र, दक्षिण में तमिलनाडु एवं पूर्व में समुद्र [बंगाल की खाड़ी] है। समुद्र तट की लम्बाई 974 किमी. है। मुख्य वन क्षेत्र…
अरुणाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति अरुणाचल प्रदेश एक पहाड़ी क्षेत्र है। असम के निकटवर्ती भाग में समतल मैदान की एक संकरी सी पट्टी है। राज्य के दो तिहाई भाग पर घने वन हैं। प्रदेश के पश्चिम में भूटान, उत्तर में तिब्बत एवं उत्तर-पूर्व में चीन, पूर्व में म्यांमार तथा दक्षिण में असम है। अरुणाचल प्रदेश की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि अरुणाचल प्रदेश का सम्पूर्ण क्षेत्र में प्रशासन की शुरुआत भारत की आजादी के बाद ही हुई थी। राज्य का नवीन इतिहास 24 फरवरी, 1826 को यंडाबू संधि के बाद असम में ब्रिटिश शासन लागू होने से शुरू होता है। 1962 से पूर्व…
असम की भौगोलिक स्थिति असम 20° 30′ उत्तरी अक्षांश से 28° उत्तरी अक्षांश तथा 90°50′ पूर्वी देशान्तर से 97° 30′ पूर्वी देशान्तर के मध्य स्थित है। राज्य में सर्वाधिक वर्षा (178 से 305 सेमी.) जून से सितम्बर माह तक होती है। यहां की प्रमुख नदी ब्रह्मपुत्र है। यह नदी अपने उद्गम स्थल से 2,900 किमी. की यात्रा कर समुद्र तक पहुंचती है। करीब 9,35,500 वर्ग किमी क्षेत्र का पानी बहकर इस नदी में आता है। इसकी 120 सहायक नदियां हैं। राज्य के उत्तर में भूटान तथा अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम में पश्चिम बंगाल, पूर्व में नागालैंड व मणिपुर एवं दक्षिण में…
बिहार की भौगोलिक स्थिति बिहार 21°77 उत्तरी अक्षांश से 27°31′ उत्तरी अक्षांश व 83°20′ से 88°17′ पूर्व देशान्तर के मध्य स्थित है। इसकी परिस्थितियां इसे तीन प्राकृतिक इकाइयों में विभक्त करती हैं। राज्य के पूर्व में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तर प्रदेश, दक्षिण में झारखण्ड एवं उत्तर में अलग देश नेपाल है। तराई क्षेत्र यह भाग हिमालय पर्वत श्रृंखला की शिवालिक श्रेणी का हिस्सा है। यह पश्चिम चंपारण जिले के उत्तरी भाग में 32 किमी. लंबे और 6.8 किमी. चौड़े क्षेत्र में स्थित है। यह क्षेत्र उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व तक भारत-नेपाल सीमा के समानांतर है। यह पर्वत क्षेत्र सुमेश्वर एवं…