गुजरात के भावनगर जिले के पालिताना तालुका स्थित गरजिया (धारजिया) गांव में सोमवार सुबह एक शेरनी के हमले का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें करीब 46 सेकंड तक शेरनी एक व्यक्ति को जमीन पर दबाए हुए दिखाई देती है। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद घायल व्यक्ति को बचाया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घर के पास अचानक किया हमला
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घायल की पहचान मालधारी समुदाय के कालूभाई बोघाभाई गमारा (कुछ रिपोर्टों में कालूभाई परमार) के रूप में हुई है। बताया गया कि सोमवार सुबह वह अपने घर के बाहर मौजूद थे, तभी शेरनी वहां पहुंची और अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले के दौरान उन्हें जमीन पर गिरा दिया गया और उनके पैर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
ग्रामीणों की सूझबूझ से बची जान
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि शेरनी घायल व्यक्ति को दबाए बैठी है, जबकि आसपास मौजूद ग्रामीण लगातार शोर मचाते हैं और पत्थर फेंककर उसे भगाने की कोशिश करते हैं। शुरुआती प्रयासों का खास असर नहीं हुआ, लेकिन कुछ देर बाद शेरनी वहां से जंगल की ओर चली गई। इसके बाद ग्रामीणों ने घायल को सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
सरकारी अस्पताल में चल रहा इलाज
घायल को पहले पालिताना के मानसिंहजी सरकारी अस्पताल ले जाया गया। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, चोटों की गंभीरता को देखते हुए आगे के इलाज के लिए रेफर भी किया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और शेरनी की गतिविधियों पर निगरानी शुरू कर दी है।
वन विभाग ने क्या कहा?
शेत्रुंजी वन्यजीव प्रभाग के उप वन संरक्षक (DCF) चिराग अमीन ने प्रारंभिक जांच के आधार पर कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि शेरनी सामान्य रूप से इलाके से गुजर रही थी, लेकिन किसी कारणवश वह उत्तेजित हो गई, जिसके बाद हमला हुआ। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से शेरों की आवाजाही गांव के आसपास बढ़ी है। ग्रामीणों ने वन विभाग से नियमित गश्त बढ़ाने, वन्यजीवों की निगरानी मजबूत करने और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर प्रतिक्रियाएं
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने घायल व्यक्ति के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। वहीं, कुछ यूजर्स ने गांवों के पास शेरों की बढ़ती आवाजाही पर चिंता जताई और वन विभाग से दीर्घकालिक समाधान की मांग की। हालांकि, सोशल मीडिया पर किए गए दावों जैसे हाल के दिनों में हमलों की सटीक संख्या की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।