हरदा जिले की जनपद पंचायत खिरकिया की कुछ ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर ग्रामीणों के बीच गुणवत्ता और पारदर्शिता पर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों पर सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद कई स्थानों पर निर्माण की गुणवत्ता अपेक्षित स्तर की नहीं दिख रही है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों के तकनीकी मूल्यांकन और पूर्णता प्रमाण-पत्र (Completion Certificate-CC) की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।
ग्रामीणों के अनुसार उपयंत्री श्रीमती सुनीता सेजेकर के कार्यक्षेत्र में पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, सीसी सड़क, नाली तथा पुल-पुलिया जैसे कई निर्माण कार्य संचालित या पूर्ण किए जा चुके हैं। लोगों का आरोप है कि इनमें से कुछ कार्यों की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
तकनीकी निगरानी को लेकर उठ रहे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई निर्माण स्थलों पर तकनीकी अधिकारियों की नियमित निगरानी दिखाई नहीं देती। उनका मानना है कि यदि निर्माण के दौरान समय-समय पर निरीक्षण सुनिश्चित हो, तो गुणवत्ता संबंधी शिकायतों की संभावना कम हो सकती है। इसी वजह से ग्रामीण यह जानना चाहते हैं कि निर्माण कार्यों का तकनीकी मूल्यांकन किन मानकों के आधार पर किया गया।
एमबी, मूल्यांकन रिपोर्ट और सीसी की जांच की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित निर्माण कार्यों की माप पुस्तिका (Measurement Book-MB), तकनीकी स्वीकृति, मूल्यांकन रिपोर्ट, पूर्णता प्रमाण-पत्र (CC) तथा भुगतान से जुड़े अभिलेखों की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उनका कहना है कि दस्तावेजों का वास्तविक निर्माण कार्यों से मिलान होने पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और यदि कहीं अनियमितता हुई है तो वह सामने आ जाएगी।
सभी निर्माण कार्यों का सार्वजनिक मूल्यांकन करने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उपयंत्री के अधीन आने वाली सभी ग्राम पंचायतों में स्वीकृत, प्रगतिरत और पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों का विस्तृत तकनीकी मूल्यांकन सार्वजनिक किया जाए। उनका कहना है कि इससे विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी धन के उपयोग को लेकर जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए प्रत्येक निर्माण कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है। ग्रामीणों का मानना है कि निष्पक्ष जांच होने पर यदि कोई अनियमितता नहीं होगी तो संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों की स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी, जबकि गड़बड़ी मिलने पर आवश्यक कार्रवाई का रास्ता खुलेगा।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच संबंधी घोषणा सामने नहीं आई है। खिरकिया जनपद पंचायत हरदा जिले की तीन जनपद पंचायतों में शामिल है और इसके अंतर्गत 70 ग्राम पंचायतें आती हैं।