Highlights
- भाजपा ने दो सीटों पर तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है।
- कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह की खाली हो रही सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा है।
- भाजपा के संभावित तीसरे उम्मीदवार को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।
मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 8 जून है, लेकिन उससे पहले भोपाल का राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया है। भाजपा ने अपनी दो सीटों के लिए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग और संगठन से जुड़े नेता रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतार दिया है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है। अब चर्चा इस बात की है कि क्या भाजपा अंतिम समय में तीसरा उम्मीदवार उतारकर चुनाव को सीधी राजनीतिक लड़ाई में बदलने की कोशिश करेगी। मतदान 18 जून को होना है।
दो उम्मीदवार घोषित, लेकिन चर्चा तीसरे नाम की
भाजपा के दोनों अधिकृत उम्मीदवारों ने शनिवार को नामांकन दाखिल कर दिया। पार्टी नेतृत्व ने इस दौरान एकजुटता का प्रदर्शन भी किया। हालांकि राजनीतिक हलकों में यह चर्चा लगातार बनी हुई है कि भाजपा आखिरी समय में तीसरा उम्मीदवार उतार सकती है। पार्टी के कुछ नेताओं ने भी संकेत दिए हैं कि यदि परिस्थितियां अनुकूल दिखीं तो तीसरी सीट पर मुकाबला रोचक बनाया जा सकता है।
कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन पर लगाया दांव
कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है। यह सीट वर्तमान राज्यसभा सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री Digvijaya Singh के कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही है। पार्टी नेतृत्व ने विधायक दल की बैठक कर एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की और वरिष्ठ नेताओं ने भी नटराजन के समर्थन का भरोसा जताया।
संख्या बल क्या कहता है?
230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 58 वोटों की जरूरत है। भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जिससे उसके दो उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। कांग्रेस के पास तकनीकी रूप से 61 विधायक हैं, जो उसे एक सीट दिलाने के लिए पर्याप्त हैं, लेकिन अंतर बहुत कम है। यही वजह है कि तीसरे उम्मीदवार की चर्चा सियासी महत्व हासिल कर रही है।
भाजपा क्यों देख रही है मौका?
मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी घोषित होने के बाद कांग्रेस के भीतर असंतोष की खबरें सामने आई थीं। कुछ वरिष्ठ नेताओं के समर्थकों में नाराजगी की चर्चाएं भी हुईं। भाजपा को उम्मीद है कि यदि कांग्रेस में असंतोष गहरा हुआ या मतदान के दिन क्रॉस वोटिंग अथवा अनुपस्थिति हुई तो तीसरी सीट पर समीकरण बदल सकते हैं। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व सार्वजनिक तौर पर किसी भी तरह के मतभेद से इनकार कर रहा है।
क्या है असली राजनीतिक संदेश?
राज्यसभा की यह लड़ाई केवल तीन सीटों तक सीमित नहीं है। भाजपा यदि तीसरा उम्मीदवार उतारती है तो यह कांग्रेस की एकजुटता की परीक्षा बन जाएगी। वहीं कांग्रेस के लिए यह चुनाव अपने विधायकों को एकजुट रखने और संगठनात्मक मजबूती दिखाने का अवसर है। इसलिए भले ही संख्या बल कागज पर स्पष्ट दिखाई दे रहा हो, लेकिन अंतिम नामांकन और मतदान तक राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।
आगे क्या होगा?
8 जून को नामांकन प्रक्रिया समाप्त होगी। इसके बाद साफ हो जाएगा कि भाजपा तीसरा उम्मीदवार उतारती है या नहीं। यदि तीसरा नाम मैदान में आता है तो 18 जून का मतदान मध्य प्रदेश की राजनीति में इस साल का सबसे दिलचस्प शक्ति परीक्षण बन सकता है।
FAQ
प्रश्न: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कितनी सीटों पर चुनाव हो रहा है?
उत्तर: इस बार तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है।
प्रश्न: भाजपा ने किन उम्मीदवारों को उतारा है?
उत्तर: भाजपा ने तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है।
प्रश्न: कांग्रेस की उम्मीदवार कौन हैं?
उत्तर: कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा है।
प्रश्न: मतदान कब होगा?
उत्तर: राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 18 जून 2026 को निर्धारित है।
