Saturday, 6 June

अशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र में दुष्कर्म और कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के एक मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को शिकायत दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम-2021 के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना 14 मई की बताई जा रही है, जबकि शिकायत 5 जून को दर्ज कराई गई थी। मामले में नामजद दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

क्या है पूरा मामला

चंदेरी थाना पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह 14 मई को अपनी मौसी की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होने चंदेरी आई थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने उस पर एक युवक से विवाह करने और मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया।

शिकायत में कहा गया है कि विरोध करने पर उसे कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसी रात उसे एक कमरे में भेजा गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया प्रारंभ की।

मुख्य आरोपी अशोकनगर से गिरफ्तार

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी अल्ताफ खान (26) निवासी लाल बाबड़ी, चंदेरी को अशोकनगर से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। मामले में नामजद अन्य दो आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम-2021 के प्रावधान भी जोड़े हैं। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जांच में जुटी विशेष टीम

इस कार्रवाई में चंदेरी थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत यादव के नेतृत्व में गठित टीम ने भूमिका निभाई। टीम में उपनिरीक्षक कदम सिंह मीना, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

मध्यप्रदेश में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लागू होने के बाद धर्म परिवर्तन के लिए कथित दबाव से जुड़े मामलों की जांच को लेकर पुलिस विशेष सतर्कता बरतती है। ऐसे मामलों में आरोपों की सत्यता, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आते हैं। वर्तमान मामले में भी पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

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