गुरूवार, 2 जुलाई

मध्य प्रदेश सरकार शहरी विकास से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित संशोधन लागू होने के बाद भूमि और भवनों के मिश्रित उपयोग (Mixed Use) को व्यापक स्तर पर अनुमति मिल सकेगी। यानी किसी क्षेत्र का निर्धारित लैंड यूज होने के बावजूद, प्रतिबंधित गतिविधियों को छोड़कर अन्य कई तरह की गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। इसके लिए मध्य प्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 में संशोधन का मसौदा जारी किया गया है और राजपत्र अधिसूचना के बाद आम लोगों से 15 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं।

क्या बदलेगा?

प्रस्तावित नियमों के अनुसार अब केवल भूमि उपयोग के आधार पर गतिविधियों को पूरी तरह सीमित रखने की व्यवस्था में बदलाव होगा। सरकार हॉरिजॉन्टल (एक ही स्तर पर) और वर्टिकल (ऊपरी मंजिलों पर) दोनों तरह के मिश्रित उपयोग को अनुमति देने की तैयारी में है। इससे आवासीय क्षेत्रों में भी कई प्रकार की व्यावसायिक और गैर-प्रदूषणकारी गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी, जबकि सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण और सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियां पहले की तरह प्रतिबंधित रहेंगी।

इन गतिविधियों पर रहेगी रोक

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार आवासीय क्षेत्रों में गोदाम, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग, बूचड़खाने, कबाड़खाने, संक्रामक रोग अस्पताल, बड़े पैमाने का थोक व्यापार, सुअर पालन, डेयरी उत्पादन, मुर्गी पालन और बड़े परिवहन टर्मिनल जैसी गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी।

इसी तरह वाणिज्यिक क्षेत्रों में भारी उद्योग, विस्फोटक और विषैले रसायनों का भंडारण तथा औद्योगिक क्षेत्रों में पूरी तरह आवासीय टाउनशिप, विद्यालय और कुछ संवेदनशील उपयोग प्रतिबंधित रहेंगे। कृषि क्षेत्रों में बड़े मॉल, शहरी व्यावसायिक परिसर और प्रदूषणकारी उद्योगों पर भी रोक का प्रस्ताव है।

अफोर्डेबल हाउसिंग को मिलेगा बढ़ावा

सरकार संशोधित नियमों के जरिए किफायती आवास (Affordable Housing) परियोजनाओं को भी बढ़ावा देना चाहती है। मसौदे में भूखंड विकास, फ्लैट और समूह आवास के साथ एकल स्वामित्व वाले भूखंड पर ऊर्ध्वाधर (Vertical Incremental) आवास निर्माण को भी शामिल करने का प्रस्ताव है।

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि उपलब्ध भूमि के आधार पर प्रति हेक्टेयर आवासीय इकाइयों की अधिकतम संख्या संबंधी सीमा हटाने का प्रस्ताव किया गया है। इससे परियोजनाओं में जरूरत के अनुसार अधिक आवास विकसित किए जा सकेंगे। स्वतंत्र अफोर्डेबल हाउसिंग परियोजनाओं में 60 वर्गमीटर तक निर्मित क्षेत्र वाली आवासीय इकाइयों की अनुमति और एफएआर (Floor Area Ratio) को 3 तक देने का भी प्रस्ताव है।

लोगों से मांगे गए सुझाव

सरकार ने मसौदा अधिसूचना जारी कर नागरिकों, विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से 15 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम संशोधन अधिसूचित किए जाएंगे। इसलिए अंतिम नियमों में कुछ बदलाव संभव हैं।

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