सागर जिले के देवरी नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन के खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचना के आरोप में देवरी थाने में मामला दर्ज किया गया है। वार्ड क्रमांक-5 की पार्षद सुनीता लोधी की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
देवरी थाना प्रभारी हरिराम मानकर के अनुसार, शिकायतकर्ता सुनीता लोधी वर्ष 2025 तक नगर पालिका अध्यक्ष की प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल (पीआईसी) की सदस्य थीं। उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया है कि वर्ष 2023 के दौरान आयोजित कई पीआईसी बैठकों में उनकी अनुपस्थिति के बावजूद हाजिरी रजिस्टर में उनके नाम के सामने हस्ताक्षर दर्ज किए गए।
आरटीआई से सामने आए दस्तावेज
शिकायत के मुताबिक, संबंधित बैठकों की न तो उन्हें कोई लिखित सूचना दी गई और न ही मौखिक रूप से जानकारी दी गई थी। बाद में उनके पति ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत पीआईसी बैठकों के प्रस्तावों और उपस्थिति रजिस्टर की प्रमाणित प्रतियां प्राप्त कीं।
दस्तावेजों की जांच के दौरान यह सामने आया कि जिन बैठकों में वे शामिल नहीं हुई थीं, उनमें भी उनके नाम के सामने हस्ताक्षर अंकित पाए गए। शिकायत में 23 जनवरी 2023, 31 जनवरी 2023, 1 मार्च 2023, 11 अप्रैल 2023, 9 मई 2023, 31 मई 2023, 13 जुलाई 2023, 9 अगस्त 2023, 18 सितंबर 2023 और 13 दिसंबर 2023 को हुई पीआईसी बैठकों का उल्लेख किया गया है।
वास्तविक और कथित हस्ताक्षरों में अंतर का दावा
सुनीता लोधी का कहना है कि परिषद सम्मेलन की 11 मार्च 2024, 15 मार्च 2024, 13 सितंबर 2024, 21 नवंबर 2024, 14 मई 2025 और 24 अक्टूबर 2025 की बैठकों में वे स्वयं उपस्थित थीं और उन बैठकों में किए गए हस्ताक्षर उनके वास्तविक हस्ताक्षर हैं।
उन्होंने दावा किया है कि इन वास्तविक हस्ताक्षरों की तुलना पीआईसी बैठकों के हाजिरी रजिस्टर में दर्ज हस्ताक्षरों से करने पर दोनों में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है, जिससे फर्जीवाड़े की आशंका मजबूत होती है।
राशि के दुरुपयोग का भी आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर प्रस्ताव पारित किए गए और शासन की योजनाओं व वित्तीय संसाधनों के दुरुपयोग के उद्देश्य से कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर नगर पालिका अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।