Thursday, 25 June

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर पीठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है, जिसमें उन्होंने भोपाल स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत द्वारा जारी समन आदेश को चुनौती दी है। गुरुवार को मामले की विस्तृत सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने फैसला सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।

यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान की ओर से दायर मानहानि परिवाद से संबंधित है। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा और अधिवक्ता अजय गुप्ता ने पक्ष रखा, जबकि कार्तिकेय चौहान की तरफ से अधिवक्ता संकल्प कोचर, सिद्धांत कोचर और अमन डाबरा अदालत में उपस्थित रहे।

चुनावी भाषण को लेकर दी गई सफाई

सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने अदालत में एक लिखित आवेदन पेश किया। आवेदन में उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए बयान में उनका आशय छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह से था। हालांकि, भ्रम की स्थिति में कार्तिकेय चौहान का नाम सामने आ गया। राहुल गांधी ने इस त्रुटि पर खेद भी व्यक्त किया।

कार्तिकेय चौहान ने भी जताई विवाद समाप्त करने की इच्छा

मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया कि कार्तिकेय चौहान ने राहुल गांधी द्वारा व्यक्त किए गए खेद पर विचार करने के बाद उन्हें क्षमा करने और विवाद को समाप्त करने की इच्छा जाहिर की है। इससे दोनों पक्षों के बीच मामले के सौहार्दपूर्ण समाधान की संभावना मजबूत हुई है।

हाई कोर्ट के आदेश पर टिकी निगाहें

अब सभी की नजर हाई कोर्ट के आगामी आदेश पर है। अदालत के फैसले से यह स्पष्ट होगा कि विशेष अदालत द्वारा जारी समन की कार्यवाही जारी रहेगी या राहुल गांधी को इससे राहत मिलेगी। मामले के कानूनी और राजनीतिक दोनों पहलुओं को देखते हुए आदेश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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