इंदौर जिले में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण को लेकर सोमवार को आयोजित टीएल (टाइम लिमिट) बैठक में कलेक्टर आईएएस शिवम वर्मा ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया। शिकायतों के निराकरण में ढिलाई मिलने पर चार विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। बैठक में फायर सेफ्टी, जल संरक्षण, निर्माणाधीन फ्लाईओवर, नागरिक सेवाओं और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से जुड़े विषयों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों में ढिलाई पर कार्रवाई
बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का केवल औपचारिक नहीं बल्कि गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का संतोषजनक निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
लापरवाही के चलते जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए, उनमें उप संचालक कृषि, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यपालन यंत्री, सामाजिक न्याय विभाग के संयुक्त संचालक और आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त शामिल हैं।
जिले की रैंकिंग में सुधार, फिर भी सुधार की गुंजाइश
बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि जिले की सीएम हेल्पलाइन रैंकिंग में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है, लेकिन इसे और बेहतर बनाने के लिए सभी विभागों को शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान देना होगा। प्रशासन का लक्ष्य केवल शिकायतें बंद करना नहीं, बल्कि नागरिकों को वास्तविक समाधान उपलब्ध कराना है।
फायर सेफ्टी पर प्रशासन का फोकस
मानसून और बढ़ती सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए जिले की फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अस्पतालों, स्कूलों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला भवनों का निरीक्षण तेज करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जहां भी अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, वहां तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाए। समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि अब तक 70 से अधिक भवनों को आवश्यक फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं करने पर सील किया जा चुका है।
हालांकि कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य भवनों को सील करना नहीं, बल्कि सभी संस्थानों में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराना है।
जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा
टीएल बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत तालाब निर्माण, गहरीकरण और कैचमेंट चैनलों की सफाई की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण से जुड़े सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरे किए जाएं, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण हो सके।
यूसीसी पर सुझाव और नया चैटबॉट
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर आम नागरिकों से सुझाव और फीडबैक प्राप्त किए जा रहे हैं।
इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा विकसित किए जा रहे नए चैटबॉट के ट्रायल वर्जन की जानकारी भी साझा की गई। शुरुआती चरण में इस सुविधा के माध्यम से नागरिक मूल निवासी, आय और जाति प्रमाण पत्र के लिए घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। भविष्य में अन्य सेवाओं को भी इससे जोड़े जाने की तैयारी है।
फ्लाईओवर निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
शहर में निर्माणाधीन फ्लाईओवर परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि निर्माण कार्यों में बाधा बन रही संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई तेज की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्यों में तेजी लाने और जनहित से जुड़े विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होने देने के निर्देश दिए।
